Wednesday, April 22, 2009


वो पहली मुलाकात, वो पहली मुस्कराहट,
वो पहली गुफ्तगू, वो हसीन पल,
वो अपनापन, वो चाहत का एहसास,
वो दिल की तड़प, वो नायाब यादें,
बस इन्ही यादों के सहारे जी रहे हैं हम,
और इन्ही पलों के लिए मर मिट सकते हैं हम !

8 comments:

sujata said...

yah true urmi..the first rush of love is definitely a great feeling..

मोहन वशिष्‍ठ said...

वो पहली मुलाकात, वो पहली मुस्कराहट,
वो पहली गुफ्तगू, वो हसीन पल,
वो अपनापन, वो चाहत का एहसास,
वो दिल की तड़प, वो नायाब यादें,
बस इन्ही यादों के सहारे जी रहे हैं हम,
और इन्ही पलों के लिए मर मिट सकते हैं हम !

mind blowing ji

keep it up

ajay kumar jha said...

aapkee kalam kaatil hai,
ham roj marte hain...
magar fir jee uthte hain.
ek nayee najm padhne ko.

babli jee, aapke blog kaa kaayal ho gaya hoon, bas ek salaah , jab bhee do post ek din mein daalnee ho to kam se kam 6 7 ghante kaa antar jaroor rakhein, anyatha aapkee baad waalee post hee jyada padhee jaayegee..., aisaa hee hota hai..

श्याम सखा 'श्याम' said...

वो पहली मुहब्बत भुलाई न जाये
करूं लाख कोशिश मगर याद आए
श्याम

manu said...
This comment has been removed by the author.
अभिन्न said...

पहली मुलाकात पर एक उत्कृष्ट रचना
बधाई

arun said...

great feeling.

arun said...

great feeling.