Sunday, November 8, 2009


समंदर की लहरें मचलने लगी हैं,
जीवन की रफ़्तार चलने लगी हैं,
रुकते नहीं हैं कदम अब हमारे,
जवानी के जज़्बे पिघलने लगे हैं !

Wednesday, November 4, 2009


सुर्ख होठों पे लिखा है नाम अब तुम्हारा,
गुल से भी नाज़ुक है यारा दिल हमारा,
रूठ मत जाना तू मुझसे अब सनम,
हमकदम बनकर चलेंगे हर कदम !

Friday, October 30, 2009


याद तुम्हें हम करते रहे तन्हाई में,
दिल को डुबोया दर्द की गहराई में,
कोशिश करना अब हमें ढूंढने की यारा,
सोच लिया अब गुमनामी में रहेगा दिल बंजारा,
पर ख्याल गर हमारा शिद्दत से तुम्हें आए,
तो मिल जायेंगे हम तुम्हारी ही परछाई में !

Monday, October 26, 2009


सबसे जुदा सबसे अलग हो आप,
खुशकिस्मत है वो जिसके पास हो आप,
मेरे लिए तो वो लम्हा ही हसीन है,
जब मुझे याद करके मुस्कुरा लेते हो आप !

Thursday, October 22, 2009


देख रही थी मैं उसे छुपके छुपके,
दिल चुराया उसने मेरा चुपके चुपके,
खामोश क्यूँ रहने लगे हैं हम,
उनसे मिलने का मुझे आज भी है गम !

Monday, October 19, 2009


आज का दिन है ख़ास,
भाई बहन सदा रहे पास,
दोनों में अटूट प्यार रहे,
प्यार और विश्वास बरक़रार रहे,
कामयाबी तुम्हारे कदम चूमे,
यही कामना करती हूँ मेरे भाई,
हमारा बंधन मज़बूत बना रहे,
भाई दूज की है ये शुभकामनायें !

Thursday, October 15, 2009


अँधेरा हुआ दूर रात के साथ,
नई सुबह आई दिवाली लेके साथ,
द्वार द्वार पर सजी है रंगोली,
खुशियाँ लेकर आई है दिवाली,
आओ मिलजुलकर मनाये ये त्यौहार,
फुलझरियां चरकी फटाके लाये बहार,
जगमग जगमग दीप जलता रहे,
सब का मन प्रसन्नता से खिलता रहे !





Monday, October 12, 2009


कर रही थी मैं उसका इंतज़ार
उसके दीदार के लिए थी बेक़रार,
हर पल मेरी निगाहें उसे ढूंढ़ती रही,
बस उसके एक झलक के लिए तरसती रही !

Wednesday, October 7, 2009


करवा चौथ का त्यौहार है बड़ा पावन,
खुशियों से भरा रहे हर सुहागन का आंगन,
दुआ करती हूँ अपने पति के लंबे उम्र की,
चाहती हूँ हर जनम में उनका साथ मिले,
उनका प्यार सदा बरसता रहे है ये आशा,
हर सुहागन का सुहाग रहे सलामत हमेशा !

Friday, October 2, 2009


गांधीजी का सपना जब सत्य बना,
देश तभी जब स्वतंत्र हुआ,
आज फिर से हम सब याद करें वो मेहनत वो कुर्बानी,
जो किए थे वीरों ने और अपना भारत गणतंत्र हुआ !

Wednesday, September 30, 2009


बैठी थी गुमसुम सी मैं नदी के किनारे,
दिल में उमंग और आँखों में सपने लिए,
खो गई उन ख़ूबसूरत वादियों में,
उम्मीद की किरण को साथ दिल में लिए !

Monday, September 28, 2009


पावन पर्व दशहरा आज है आया,
ज़िन्दगी हो मधुर और आशा हो परिपूर्ण,
असत्य पे सत्य का ध्वज फहराया,
स्वप्न हो सच और हर दिन हो सुंदर,
ऐसा हो हर साल का उत्सव खुशियों से भरा,
सभी को दशहरा की हार्दिक शुभकामनायें !

Sunday, September 27, 2009


!!खुशखबरी!!
ब्लागर
मित्रों !

आपको जानकर हर्ष होगा कि ‘‘मेरी प्रकाशित रचनाएँ’’ के नाम से ब्लाग चलाने वाले श्री प्रेमनारायण शर्मा ने इस ब्लाग से ‘‘हुन्गामा और कोई नही बबली है’’ पोस्ट को हटा दिया है।
यदि वो अपनी जगह पर सही थे तो उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट क्यों कर दिया?
यह आप सबका मुझ पर जो अटूट विश्वास ही था उसी का नतीजा यह निकला है। श्री प्रेमनारायण शर्मा जी को उनके द्वारा स्वयं निर्मित इस स्टंट अर्थात झूठी करतूत पर आत्मग्लानी हुई और उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया।
आपका बबली एक बार फिर इस परीक्षा में पास हो गया है।
यह बबली (उर्मी) आपको विश्वास दिलाता है कि वो कभी ऐसा काम नही करेगी जिससे की आपकी भावनाओं को ठेस पहुँचे।

विजया-दशमी अर्थात दशहरा के इस त्योहार पर असत्य पर सत्य की जीत का तोहफा मुझे मिला है। सभी ब्लागर मित्रों को प्रणाम!

विजया-दशमी (दशहरा) की आप सभी को ढेरों शुभकामनाएँ !

Friday, September 25, 2009


प्यार का तराना उपहार हो,
खुशियों का नज़राना बेशुमार हो,
बाजरे की रोटी और आम का अचार हो,
सूरज की किरनें और खुशियों की बहार हो,
चाँद की चांदनी और अपनों का प्यार हो,
लक्ष्मी का हाथ हो, सरस्वती का साथ हो
और गणेश का निवास हो,
माँ दुर्गा के आशीर्वाद से सबके जीवन में प्रकाश हो,
ऐसा नवरात्री उत्सव इस साल हो !



Wednesday, September 23, 2009

ब्लागर मित्रों!
प्रणाम।

मैंने आज सुबह जब अपना नेट खोला तो पाया कि यहाँ तो किसी हुन्गामा ने हंगामा मचाया हुआ है। मैं तो पढ़कर दंग रह गई कि मि0 प्रेमनारायण शर्मा ने मुझे बदनाम करने में कोई कसर नही छोड़ी है।
इसके दो-तीन कारण मेरी समझ में आये।
पहला तो यह कि आप सब स्नेह से मेरे एक अकिंचन शेर पर आप दिल खोल कर टिप्पणियों का सागर बहा देते हैं। यह उनसे बर्दाश्त नही हो रहा था।
दूसरा यह कि मैं एक महिला हूँ और दूर देश में रहती हूँ। शायद इसीलिए उन्होंने मुझे अबला समझ कर अपना निशाना बनाया है।
एक और भी कारण हो सकता है कि मैं एक हँसमुख स्वभाव की लड़की हूँ। मैं दिल खोलकर इन महोदय के ब्लाग पर टिप्पणी करती थी मगर इनके जाल में फँसी नही। इससे ये बौखला गये और मुझ पर अपनी खीझ और हीन-भावना उतार दी।
साथियों !
ये हुन्गामा का हंगामा और भद्दी टिप्पणियाँ और किसी ने इनके ब्लाग पर नही की हैं । यह तो स्वयं इन्होने ही की हैं। लेकिन इल्जाम मुझ पर लगा दिया है।
मैं तो स्वयं ही अपने 5 ब्लाग्स को मेनटेन करती हूँ। मेरे पास इतना समय कहाँ है कि मैं यह ओछी हरकत करूँ।
हाँ, इतना जरूर है कि मैं यह कोशिश करती हूँ कि आप सबकी पोस्ट्स को टिप्पणी दे कर आपका उत्साह वर्धन करूँ।
मुझे अपनी सफाई में इससे ज्यादा और कुछ निवेदन आपसे नही करना है। क्योंकि आप मुझे भली भाँति जानते हैं।
आशा है कि आपका प्यार और प्रसाद मुझे पूर्ववत मिलता रहेगा।
आप सबकी चहेती वही पुरानी ब्लागर मित्र-

बबली (उर्मी चक्रवर्ती)

Sunday, September 20, 2009


तुमसे कोई शिकवा है और कोई गम,
सिर्फ़ मेरा चेहरा देखा पर दिल नहीं देखा सनम,
याद हर पल आयेगी वो साथ गुज़रे मीठे पल,
जब जब सोचूंगी तुम्हें, आंखों से आंसू आयेंगे निकल !

Thursday, September 17, 2009


मिलके भी मिलने की प्यास है,
प्यार करके भी प्यार की आस है,
दिल में खुशियों का एहसास है,
हर पल तेरे साथ रहने की ख्वाइश है !

Sunday, September 13, 2009


कैसे कैसे हादसे सहते रहे,
हम यूँ ही जीते रहे हँसते रहे,
उसके जाने की उम्मीदें लिए,
रास्ता मुड़ मुड़ के हम तकते रहे,
वक्त तो गुज़रा मगर कुछ इस तरह,
हम चरागों की तरह जलते रहे,
कितने चेहरे थे हमारे आस पास,
तुम ही तुम मगर दिल में बसते रहे !

Thursday, September 10, 2009


पल पल तरसते थे उस पल के लिए,
वो पल आया भी तो एक पल के लिए,
सोचा था उसे ज़िन्दगी का हसीन पल बना देंगे,
वो पल रुका भी तो बस एक पल के लिए !

Sunday, September 6, 2009


कितना ख़ूबसूरत ये समा है,
बारीश के बूंदों में खो रहा सारा जहान है,
कुछ कहना चाहती है ये शायद,
तभी तो दिल के करीब ये जहान है !

Thursday, September 3, 2009


मिलने की खुशी बिछड़ने का गम,
तन्हा उदास है हम,
कैसे कहें कैसे हैं हम,
बस यूँ समझ लो बहुत अकेले हैं हम !

Sunday, August 30, 2009


एक लम्हा बार बार सताता है,
जाने ये दिल क्या चाहता है,
काश इस लम्हे में वो हमारे साथ होते,
पर ये काश तो काश ही बनकर रह जाता है !

Tuesday, August 25, 2009


अश्कों को हमने कई बार रोका,

फिर भी जाने क्यूँ आँखें धोखा दे गई,
भरोसा तो था हमें अपने आप पर मगर,
उनका ज़िक्र आते ही जाने क्यूँ पलके नम हो गई !!

Saturday, August 22, 2009


गणेश की ज्योति से नूर मिलता है,
सबके दिलों को सुरूर मिलता है,
जो भी जाता है गणेशा के द्वार,
कुछ कुछ ज़रूर मिलता है !
गणपति बप्पा मौर्या, मंगल मूर्ति मौर्या,
जय श्री गणेशा !!

Tuesday, August 18, 2009


अब ज़िन्दगी भर हमको ये गम रहेगा,
सोते जागते दिल को ये ख्याल रहेगा,
क्या कभी प्यार हमें किया था तुमने?
चेहरे पर अपने ये सवाल हमेशा रहेगा !

Sunday, August 16, 2009


वतन
हमारा, मिसाल मोहब्बत की,
तोड़ता है दीवार नफरत की,

मेरी खुशनसीबी, मिली ज़िन्दगी इस चमन में,
भुला सके कोई इसकी खुशबू सातों जनम में,
आन देश की, शान देश की, देश की हम संतान हैं,
तिन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है !

Friday, August 14, 2009


मुरली मनोहर, ब्रिज के धरोहर, वो नंदलाला गोपाला,
बंसी की धुन पर सबके दुःख हरनेवाले ,
कृष्ण जिनका नाम, गोकुल जिनका धाम,
ऐसे श्री कृष्ण भगवान को,
हम सबका प्रणाम !

Wednesday, August 12, 2009


प्यार के उजाले में गम का अँधेरा आता क्यूँ है?
जिसे हम चाहे वही हमें रुलाता क्यूँ है?
अगर वो मेरा नसीब नहीं..
तो खुदा ऐसे लोगों से मिलाता क्यूँ है?

Sunday, August 9, 2009


ज़िन्दगी में हमने कभी कुछ चाहा ही नहीं,
चाहा जिसे भी कभी पाया ही नहीं,
जिसे पाया उसे कुछ यूँ खो दिया,
जैसे ज़िन्दगी में कभी कोई आया ही नहीं !

Wednesday, August 5, 2009


आरज़ू--दिल ने हमें दीवाना बना दिया,
रोये थे कभी आपने रुला दिया,
हम ने तो हर वक्त याद किया लेकिन,
आप ने याद करते करते ज़माना लगा दिया!

Sunday, August 2, 2009


दोस्ती तो सिर्फ़ एक इत्तेफाक़ है,
ये तो दिलों की मुलाकात है,
दोस्ती नहीं देखती के ये दिन है या रात है,
ऐसे में तो सिर्फ़ वफ़ादारी और जज़्बात है !

Wednesday, July 29, 2009


जब पास हो, तब खास हो,
जब दूर हो, एहसास हो,
अनकही सी कोई आस हो,
जो मिटे, वो प्यास हो,
अब और मैं कैसे कहूँ,
आप दिल के कितने पास हो !

Sunday, July 26, 2009


अब यही दूरियां मुक़ददर है,
चाहूँ भी तो तेरे पास नहीं सकती,
इतने आँसूं है मेरी आंखों में,
कोई ख्वाब सजा नहीं सकती,
तुझको ये बात बताऊँ तो बताऊँ कैसे,
दिल का टूटा हुआ आइना दिखाऊँ कैसे !

Wednesday, July 22, 2009


हर दिल में दर्द छुपा होता है
पर बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,
कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !

Sunday, July 19, 2009


कभी तो वक्त की अहमियत को समझा करो,
अपनी आवाज़ सुनाकर हाले दिल बयान करो,
हम तो कबसे आँखें बिछाए खड़े हैं,
बस रहते हैं हम आप ही के ख्यालों में,
कभी ख़ुद को महसूस करो हमारी नज़रों में !

Tuesday, July 14, 2009


वो चांदनी रात थी,
तारों की बारात थी,
पर छाया था आलम हर तरफ़ खामोशी का,
डूबी थी मैं ख्यालों में,
तभी आहट सी हुई उसके आने की,
जैसे पूरा किया वादा साथ निभाने की,
पर धत पगली, तू किस ख्याल में खोयी थी,
ये वो नहीं उसकी परछाई थी!

Sunday, July 12, 2009


ये हम भी गवारा करते हैं,
ये तुम भी गवारा कर लेना,
रो रो के गुज़ारी है हमने,
तुम हँसके गुज़ारा कर लेना,
बेताबी हद से बढ जाए,
और नींद आए रातों को,
तो डूब के मेरी यादों में,
दुनिया से किनारा कर लेना !

Thursday, July 9, 2009


ज़िन्दगी थी अजीब, सब एक ख्वाब थे,
खुशी तो मिली नहीं, पर गम बेहिसाब थे,
चाहत की क्या बात करें तुमसे,
था समन्दर अपना, फिर भी प्यासे थे !

Monday, July 6, 2009


हर कदम पर बहारों ने साथ छोड़ा,
ज़रूरत में दिलरूबा ने भी साथ छोड़ा,
वादा किया था सितारों ने साथ देने का,
सहर हुई तो सितारों ने भी साथ छोड़ा !

Thursday, July 2, 2009


नज़रों में अश्कों को छुपाया नहीं जाता,
दिल के हर जज़्बात को दिखाया नहीं जाता,
ये दिल की बातें है, एक दिल समझता है,

पैगामें जिगर लफ्जों में बताया नहीं जाता !

Monday, June 29, 2009


ये
ज़िन्दगी जैसे एक सज़ा सी हो गई है,

गम के सागर में कुछ इस कदर खो गई है,
तुम जाओ अब वापस ये गुज़ारिश है मेरी,
शायद मुझे तुम्हारी आदत सी हो गई है!

Wednesday, June 24, 2009


तेरे इश्क का खुमार है
मेरी आंखों में,
मस्ती सा सुरूर है तेरी यादों में,
सुकून है इतना तेरी बाहों में,
ऐसा लगे खोयी रहूँ तेरी यादों में,
मेरे कतरे कतरे में बसी है तेरे इश्क की महक,
ले ले मुझे अपनी आगोश में कहीं जाऊँ न बहक !



Monday, June 22, 2009


हसीन पलों को फिर से आबाद कर रहे थे,
चाँद से आपकी बात कर रहे थे,
मिला दिल को बड़ा सुकून ये जानकर,
आप भी हमें ही याद कर रहे थे !


Friday, June 19, 2009


क्या सोचा था और क्या हो गया,
जिसे चाहा था वही अन्जान हो गया,
उमर भर साथ निभाने का वादा किया,
पर एक पल में ही सब टूटकर बिखर गया,
मंजिलें तो मिली बहुत सी, पर उनका निशान खो गया !

Tuesday, June 16, 2009


गम ने हँसने दिया,
ज़माने ने रोने दिया,
इस उलझन ने हमें जीने दिया,
थक के जब सितारों से पनाह ली,
नींद आई तो तेरी याद ने सोने दिया !


Sunday, June 14, 2009


दिल ने दिल को पुकारा है,
होठों पर नाम तुम्हारा आया है,
दिल की चाहत ने पुकारा है,
आंखों के सामने चेहरा तुम्हारा आया है,
मुझे मालूम है के तुम ज़रूर आओगे,
बार बार ये ख्याल मन में आया है !

Saturday, June 13, 2009


फूल खिलते हैं, बहारों का समा होता है,
ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवा होता है,
दिल की बातों को होठों से नहीं कहते,
ये अफसाना तो निगाहों से बयान होता है !

Thursday, June 11, 2009


उन्हें आदत है ज़ख्म देने की,
अपनी तो फितरत है गम छुपाने की,
आदत सी पड़ गई है आसूओं को पी जाने की,
क्या हसीन सज़ा दी है जालिम ने दिल लगाने की !

Tuesday, June 9, 2009

ये कैसी मोहब्बत है तुम्हारी?
पहले इज़हार फिर रुसवाई की हमारी,
एक ही सवाल है मन में मेरे,
आख़िर खता क्या हुई है मुझसे?
जब दिल तोड़ना ही था हमारा,
तो निभाने का वादा क्यूँ किया तुमने?

Wednesday, June 3, 2009

ये वफ़ा ये मोहब्बत तेरे नाम की,
हमने अपनी चाहत तेरे नाम की,
तेरे सारे गम है हमारे लिए,
हमनें तमाम उम्र की खुशियाँ तेरे नाम की,
हमारी तो मंजिल है रास्ता अपना,
हमनें फिर भी अपने दिल की दुनिया तेरे नाम की !

Tuesday, June 2, 2009


बूँद बूँद से है सागर की गहराई,
इस की हर एक बूँद मुझमें है समाई,
कोई मांगे तो एक बूँद भी दे सकेंगे,
क्यूंकि हर एक बूँद में आपकी मोहब्बत है समाई !

Sunday, May 31, 2009


पलकों पे आके रूक जाते है ये आंसू,
तन्हाई पाकर बह जाते है ये आंसू,
दिल तो बहुत करता है गम बाँटलूँ आपसे,
पर आपको हँसता देखकर सूख जाते है ये आंसू !

Wednesday, May 27, 2009


कैसे कहूँ ये दिल तुझपे फ़िदा है,
पास होकर भी तू मुझसे जुदा है,
बिन तेरे अब एक पल भी गुज़रे,
इन आँखों से तेरे इश्क का नशा उतरे!

Tuesday, May 26, 2009


काश आप समझते इस दिल की तड़प को,
तो यूँ हमें रुसवा किया होता,
आपकी ये बेरुखी भी मंज़ूर थी हमें,
बस एक बार हमें समझ तो लिया होता !

Sunday, May 24, 2009

हम कभी मिले तुमसे,
पर तुम्हारा चेहरा हमेशा देखते रहे,
राह पे जब एक दिन तुम्हारी झलक मिली,
उस दिन हकीकत को ख्वाब समझकर चलते रहें,
जब एहसास हुआ तब दौड़ के उसी जगह आए,
तुम्हारा कोई निशान ढूंढ पाए,
और फिर आंखों में आंसूं लिए चले गए !

Wednesday, May 20, 2009


तुम मुझे कभी दिल कभी आंखों से पुकारो,
ये शिकवे शिकायत ज़माने के लिए छोडो,
हम तेरी यादों में हैं कब से, कहीं दूर तुमसे,
बस मुझको अपनी पलकों में बसा लिया करो,
ख़ुद में मुझको पा लिया करो !



Monday, May 18, 2009

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो,
साया सा कोई लहराए तो लगता है कि तुम हो,
हवा का झोंका आए तो लगता है कि तुम हो,
समंदर की लहरों की गूंज से लगता है कि तुम हो,
रात के अंधेरे की खनखनाहट से लगता है कि तुम हो,
बादल की गरगराहट से ऐसा लगता है कि तुम हो,
ओस की बूंदों में तुम्हारा ही प्यार झिलमिलाता है,
अब इन आंखों में बस तुम्हारा ही चेहरा झलकता है !

Sunday, May 17, 2009


जाने ये कैसी दीवानगी है,
हर वक्त बस आप ही का ख्याल रहता है,
ये दिल सिर्फ़ आप ही को चाहता है,
के अब तो धड़कन की भी गवाही है,
आपके बिना तो सिर्फ़ तन्हाई है,
अब दिल में एक ही अरमान है,
तेरे दीदार के लिए ये ऑंखें बेचैन है !

Thursday, May 14, 2009


मुददत हो गई है उन तन्हाइयों को गुज़रे,
अब भी इन आंखों में वो खामोशियाँ क्यों है?
तोड़ दिया जिसने मोहब्बत पर से यकीन मेरा,
अब भी वो प्यार के काबिल क्यूँ है?


Tuesday, May 12, 2009


आपके आने से ज़िन्दगी कितनी ख़ूबसूरत है,
दिल में बसाई है जो वो आपकी ही सूरत है,
दूर जाना नहीं हमसें कभी भूलकर भी,
हमें हर कदम पर आपकी ज़रूरत है !

Sunday, May 10, 2009


समझ सका मुझे कोई ये बड़ी अजीब बात है,
ज़िन्दगी तू ही बता दे क्यूँ तू इतनी उदास है?
हवाएं भी रुख बदल चुकी, वो बहार भी जाती रही,
दर्द बेशुमार है, मैं चाहूँ अगर तो किससे कहूँ?
जो करीब था वही दूर है, जो दूर है वही खास है,
उम्मीदें भी जाती रही अब तो उसके आने की,
वही ख्वाब है वही ज़िन्दगी जिसकी मुझे तलाश है !


Saturday, May 9, 2009


खुशबू की तरह आपके पास बिखर जाऊंगी,
सुकून बनकर दिल में उतर जाऊंगी,
महसूस करने की कोशिश कीजिये,
दूर होकर भी पास नज़र आऊंगी !

Thursday, May 7, 2009


कितनी बेचैन है ये सांसे मेरी,
बिना तेरे, बहुत रोती है ये आँखें मेरी,
कब से मेरी आंखों को नींद आती ही नहीं,
बाहें मांगती है मुझसे रातें तेरी,
जान जाओ के अब दिल कहीं लगता ही नहीं,
तुमको बुला रही है ये बाहें मेरी !

Tuesday, May 5, 2009

जुबां खामोश आंखों में नमी होगी,
यही तो बस दास्तान - - ज़िन्दगी होगी,
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा,
पर कैसे भरेगी वो जगह,
जहाँ पर तुम्हारी कमी होगी !

Monday, May 4, 2009


आपके ख्यालों से फुर्सत नहीं मिलती,
एक पल की भी रुखसत नहीं मिलती,
मिल जाता है हमें सब कुछ,
बस देखने को आपकी सूरत नहीं मिलती !

Saturday, May 2, 2009


आज तेरी यादों को सीने से लगा के रोये,
अपने ख्वाबों में तुझे पास बुलाके रोये,
हजारों बार पुकारा तुझे तन्हाइयों में,
और हर बार तुझे पास पाकर रोये !!

Thursday, April 30, 2009

तुम्ही हो न वो जिसके लिये मैं शाम-सुबू जिया,
तुम्हारी एक मुलाक़ात ने दिल को छू लिया,
बिना कुछ जाने ही दिल तुम्हें दे दिया,
नही मालूम, क्या था उस मुलाक़ात में,
जो अगर मिले तुम, तो तुम्हे सपनों में बुला लिया !

Wednesday, April 29, 2009


हर शाम कह जाती है एक कहानी,
हर सुबह ले आती है एक नई कहानी,
रास्ते तो बदलते हैं हर दिन लेकिन,
मंजिल रह जाती है वही पुरानी !

Tuesday, April 28, 2009


शब्दों में दर्द, दिल में ज़ख्म,
आंखों में नहीं कोई आशा,
अलग नहीं उत्सव, मातम
खुशी या निराशा,
कुछ खोने की,
कुछ पाने की अभिलाषा,
फिर भी आज है कोई,
तेरे इश्क का प्यासा !

Monday, April 27, 2009


तेरे उस दिलकश चेहरे का,
तेरे संग बिताये हुए हसीन लम्हों का,
तेरे बेपनाह मोहब्बत का,
तेरे होठों के मीठे चुम्बन का,
मेरे रोम रोम में तेरा ही नशा छाया है,
बिन तेरे अब ये दिल एक पल सुकून पाया है,
बस एक तू ही है जिसे मैंने अपनी जान से भी ज़ादा चाहा है,
मेरे जानम अब तू ही मेरी जीने की वजह है,
तुझी से ज़िन्दगी का आगाज़ और...
तुझी
पे मर मिटने की तमन्ना है !!


Sunday, April 26, 2009


तस्वीर है तुम्हारी जो दीदार किया जाए,
तुम पास हो जो प्यार किया जाए,
ये कौन सा दर्द दिया है आपने,
कुछ कहा जाए, तुम बिन रहा जाए!

Thursday, April 23, 2009

मिटटी से हवा आने लगी अभी अभी,
क्या आपने याद किया अभी अभी?
आपसे कब मिलेंगे पता नहीं,
फिर भी यूँ लगता है आप मिलकर गए अभी अभी !

Wednesday, April 22, 2009


भूल अगर कोई हो गई हो हमसे,
रूठकर ना रुखसत हो जाना मुझसे,
भूल समझकर भूल को माफ़ कर देना,
भूल के भी हमें भुलाना !


वो पहली मुलाकात, वो पहली मुस्कराहट,
वो पहली गुफ्तगू, वो हसीन पल,
वो अपनापन, वो चाहत का एहसास,
वो दिल की तड़प, वो नायाब यादें,
बस इन्ही यादों के सहारे जी रहे हैं हम,
और इन्ही पलों के लिए मर मिट सकते हैं हम !

Tuesday, April 21, 2009


दिल की हालत की तरफ़ किसकी नज़र जाती है,
प्यार की उमर तमन्नाओ में गुज़र जाती है,
मैं रो पड़ती हूँ जब याद तुम्हारी आती है,
ज़माना हँसता है जब मोहब्बत रूठ जाती है !

Monday, April 20, 2009


वो नहीं है साथ हमारे पर आज भी है उनका नशा,
बचे सुर, बचे शब्द पर आज भी है एक नगमा,
आज भी है राहें, आज भी एक मंजिल, जुदा हो गए हमराह,
बचा जिस्म, बचा जिगर, पर आज भी है एक आह !!

Sunday, April 19, 2009


आपके प्यार ने ज़िन्दगी को एक मकसद दिया है,
हर सुख दुःख में मैंने आपका एहसास किया है,
जब भी झपके पलक आपकी तो समझ लेना,
आपकी जान ने आपको याद किया है !!


हम अपनी दोस्ती को यादों में सजायेंगे,
दूर रहकर भी बंद आंखों में नज़र आयेंगे,
हम कोई वक्त नहीं जो बीत जायेंगे,
जब याद करोगे तब चले आयेंगे !!


लबों पे आज उनका नाम गया,
प्यासे के हाथ जैसे जाम गया,
डोले कदम तो गिरा उनकी बाँहों में जाकर,
आज हमारा पीना ही हमारे काम गया !


कितनी जल्दी मुलाक़ात गुज़र जाती है,
प्यास बुझती नहीं और बरसात गुज़र जाती है,
आपकी यादों से कहदो इस तरह आया करे,
नींद आती नहीं और रात गुज़र जाती है !

Thursday, April 16, 2009


चाहत है आपकी चाहत को पाने की,
चाहत है चाहत को आजमाने की,
आप चाहे चाहे पर,
चाहत है आप की चाहत में मिट जाने की !!

Wednesday, April 15, 2009


तन्हाइयों में तुमको ही याद करते हैं,
तुम सलामत रहो यही फरियाद करते हैं,
हम तुम्हारे ही मोहब्बत का इंतज़ार करते हैं,
तुम को क्या पता हम तुमको कितना प्यार करते हैं !

चाह था जिसे उसे भुलाया गया,
ज़ख्म दिल का लोगों से छुपाया गया,
बेवफाई के बाद भी इतना प्यार करता है दिल उसे,
की बेवफाई का इल्जाम भी उस पर लगाया गया...


एक शमा अंधेरे में जलाये रखना,
सुबह
होने को है माहौल बनाये रखना,

कौन
जाने वो किस गली से गुज़रे,

हर
गली को फूलों से सजाये रखना !

Tuesday, April 14, 2009


काश ऐसा हो के तुमको तुमसे चुरा लूँ,
वक्त को रोककर वक्त से एक दिन चुरा लूँ,
तुम पास हो तो इस रात से एक रात चुरा लूँ,
तुम साथ हो तो ये जहाँ चुरा लूँ !


थक गए हम उनका इंतज़ार करते करते,
रोये हज़ार बार ख़ुद से टकरार करते करते,
दो लफ्ज़ उनकी जुबां से निकले और,
टूट गए हम एक तरफा प्यार करते करते !


ज़माने से नहीं, तन्हाई से डरते हैं,
प्यार से नहीं, रुसवाई से डरते हैं,
मिलने की उमंग बहुत होती है दिल में लेकिन,
मिलने के बाद तेरी जुदाई से डरते हैं !

Monday, April 13, 2009


मांगी थी दुया आशियाने की,
चल पड़ी आंधियां ज़माने की,
मेरे गम कोई समझ सका,
क्यूंकि मेरी आदत थी मुस्कुराने की !


वो तो पानी की बूँद है जो आंखों से बह जाए,
आंसू तो वो है जो आंखों में ही रह जाए,
वो प्यार क्या जो लफ़्ज़ोह में बयान हो,
प्यार तो वो है जो आंखों में नज़र आए !

Sunday, April 12, 2009


मोहब्बत के बिना ज़िन्दगी फिजूल है,
पर मोहब्बत के भी अपने उसूल हैं,
कहते हैं मिलती है मोहब्बत में बहुत उल्फतें,
पर आप हो महबूब मेरे तो सब कुबूल है !


दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं,
झुकी निगाहों को इकरार कहते हैं,
सिर्फ़ जताने का नाम इश्क नहीं,
किसीको यादों में जीने को भी प्यार कहते हैं !

Saturday, April 11, 2009


चाहा था जिसे उसे भुलाया गया,
ज़ख्म दिल का लोगों से छुपाया गया,
बेवफाई के बाद भी इतना प्यार करता है दिल उसे,
के बेवफाई का इल्जाम भी उस पर लगाया गया !