Sunday, December 4, 2011


रूठी जो ज़िन्दगी, मना लेंगे हम,
मिले जो गम, सह लेंगे हम,
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे,
निकलते हुए आँसूं में भी मुस्कुरा लेंगे हम !

35 comments:

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

वाह ! बहुत अच्छा !
आभार !

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" Dr.Rajendra Tela,Nirantar" said...

ham to pahle se saath they
kyon bhool gaye they aap ?

Rahul Bhatia said...

बहुत सुंदर पंक्ति

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

aaaapke saath to har koi muskuraa leta hai!

dheerendra said...

बहुत सुंदर...वाह!
नई पोस्ट में आपका स्वागत है

mridula pradhan said...

wah....kya baat hai.

सदा said...

वाह ...बहुत खूब ।

यादें....ashok saluja . said...

खूबसूरत अहसास ...
बधाई!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है! अधिक से अधिक पाठक आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो
चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

निवेदिता said...

खूबसूरत अहसास !!!

कविता रावत said...

बस आप रहना हमेशा साथ हमारे,
निकलते हुए आँसूं में भी मुस्कुरा लेंगे हम !
..sach jab do ka saath ho to phir baadhaon se kiya darna..
sundar prastuti..

मनीष सिंह निराला said...

behtarin lines...!
come at my blog to wish on
my brother's birthday today.

veerubhai said...

रूठी जो ज़िन्दगी, मना लेंगे हम,
मिले जो गम, सह लेंगे हम,
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे,
निकलते हुए आँसूं में भी मुस्कुरा लेंगे हम !
पूर्ण समर्पण और मुग्धा भाव की रचना .सुन्दर और मनोहर .

sheetal said...

Accha likha aapne.
maine ek rachna post ki hain
waqt mile to padhiyega.

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

शानदार!!!

रचना दीक्षित said...

बहुत सुंदर. किसी का साथ हमेशा मजबूती देता है और विश्वास कायम करता है.

Kunwar Kusumesh said...

very nice.

डॉ टी एस दराल said...

वाह , बहुत सकारत्मक सोच ।

sushma 'आहुति' said...

भावों से नाजुक शब्‍द....बहुत ही खुबसूरत...

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

बस आप रहना हमेशा साथ हमारे,
निकलते हुए आँसूं में भी मुस्कुरा लेंगे हम !
हमसफ़र साथ रहे तो गम में भी मुस्कुराना आ जाता है...बहुत अच्छा शेर है.

Rakesh Kumar said...

आपका सकारात्मक जज्बा प्रसंसनीय है .
भावपूर्ण सुन्दर प्रस्तुति के लिए दिल से आभार.

Harman said...

Wow!!
gr8..few words but woven very well.

प्रेम सरोवर said...

अंतस के भावों से सुंदर शब्दों में पिरोयी गयी आपकी रचना बेहद ही अच्छी लगी । मरे नए पोस्ट "आरसी प्रसाद सिंह" पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

Sunil Kumar said...

वाह ! बहुत अच्छा ........

Bhushan said...

निकलते आँसुओं में मुस्कुरा लेना मानवता की शोभा है. सुंदर भाव भरी कविता.

R.Ramakrishnan said...

Such beautiful sentiments!

आशु said...

बहुत खूबसूरत एहसास...
सच ही तो है ..अगर साथ हो तो हर मुश्किलों व् मुसीबतों का सामना किया जा सकता है...
अति सुन्दर रचना..

Patali-The-Village said...

बहुत सुंदर भाव भरी कविता| धन्यवाद|

V.P. Singh Rajput said...

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।
मेरा शौक
मेरे पोस्ट में आपका इंतजार है,
आज रिश्ता सब का पैसे से

प्रेम सरोवर said...

इस पोस्ट के लिए धन्यवाद । मरे नए पोस्ट :साहिर लुधियानवी" पर आपका इंतजार रहेगा ।

mahendra verma said...

बढिया शायरी।

Rajeev Panchhi said...

Vah!.............very nice!

vidya said...

bahut khooooooooob....

श्रीप्रकाश डिमरी /Sriprakash Dimri said...

बहुत ही सुन्दर भाव पूर्ण अभिव्यक्ति ...नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएं कामनाएं

ss said...

रूठी जो ज़िन्दगी, मना लेंगे हम,
मिले जो गम, सह लेंगे हम,
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे,
निकलते हुए आँसूं में भी मुस्कुरा लेंगे हम !