Sunday, April 5, 2009


लम्हे ये सुहाने साथ हो हो,
कल में आज जैसी बात हो हो,
आपकी दोस्ती हमेशा इस दिल में रहेगी,
चाहे सारी उम्र मुलाकात हो हो!

3 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत सही!!

sujata said...

this is for our friendship..though I want to meet you again and I surely will....

Dr. shyam gupta said...

लम्हे ये सुहाने--बहुत खूब--

हमने देखी है वो खुशबू उन घटाओं की,
जो कभी झूम के बरसी तो बरसती ही गयी ।

श्याम हमने तो बहुत चाहा कि वो रुक कर बरसे,
वो थी बदली जो चली उड्के तो उडती ही गयी ।