Wednesday, September 30, 2009


बैठी थी गुमसुम सी मैं नदी के किनारे,
दिल में उमंग और आँखों में सपने लिए,
खो गई उन ख़ूबसूरत वादियों में,
उम्मीद की किरण को साथ दिल में लिए !

39 comments:

Mithilesh dubey said...

सुन्दर अभिव्यक्ति। बधाई

महेन्द्र मिश्र said...

यादे उमंगें साथ लिए खो गई वादियो में वाह वाह ..बहुत बढ़िया...

M VERMA said...

बहुत खूब सुन्दर
सारी दास्तान चित्र भी तो कह रही है

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

वाह ... सुन्दर रचना

विनोद कुमार पांडेय said...

बढ़िया अभिव्यक्ति!!

Mishra Pankaj said...

बबली जी नमस्कार .
क्या खूब लिखा है आपने

Anonymous said...

Zindagi ek behta bulbulla hai,
Aaj hai kal nahi

दिगम्बर नासवा said...

अक्सर यादों में इंसान खो जाता है ......... बहूत खूब लिखा है ........

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

सुन्दर अभिव्यक्ति। बधाई

Kavita Saharia said...

The words and the picture both compliment each other..good one Babli.

डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) said...

खो गई उन ख़ूबसूरत वादियों में,
उम्मीद की किरण को साथ दिल में लिए !

wah! v beautiful...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

इन्तजार के ये लम्हें,
यादगार होते है।
जिन्दगी सँवारने में,
मददगार होते हैं।।

बहुत बढ़िया लिखा है,
बधाई!

Sumandebray said...

bahut badiya ...
उम्मीद की किरण को साथ दिल में लिए

kya baat hai,

sujata sengupta said...

simple and sweet lines!

रश्मि प्रभा... said...

waah.......bahut hi sundar

Apanatva said...

ek sashakt abhivykti. badhai

ओम आर्य said...

waah bahut hi badhiya abhiwyakti.. .......hamesha ki tarah ek shandar bhaw ......

Murari Pareek said...

BAHUT SUNDAR WADIYAAN BHI AUR SHER BHI !!

Umesh Agarwal said...

bahut bahut khub...

BK Chowla, said...

Picture speaks half the poetry.

प्रकाश पाखी said...

excellent!few words can express lots of emotions.Picture is beautiful as always.

admin said...

सुंदर भाव।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति। धन्यवाद

डॉ टी एस दराल said...

चित्र और रचना में बढ़िया समंजस्य.

RAJNISH PARIHAR said...

बहुत ही खूबसूरत रचना .....खूबसूरत पेंटिंग के साथ...

IMAGE PHOTOGRAPHY said...

sundar....

श्यामल सुमन said...

आँखों में सपनों को लेकर दिल में लिए उमंग।
ऐसा ही गर सब सोचे जीवन नया तरंग।।

सादर
श्यामल सुमन
www.manoramsuman.blogspot.com

मनोज कुमार said...

ख़ूबसूरत, उत्तम चित्रण!

मनोज भारती said...

खूबसूरत वादियों में वो कशिश होती है
जो भूला देती है अतीत और भविष्य को
और आनंद देती है शुद्ध वर्तमान का

एक सुंदर रचना
साथ में हमेशा की तरह एक खूबसूरत तस्वीर इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रही है ।

Naveen Tyagi said...

bahut sundar rachana.

Naveen Tyagi said...

aap hindi.hindu.hindustan par aayen.

Anonymous said...

बहुत बढ़िया, बहुत सुन्दर.

किसने लिखा है?

मनोज भारती said...

बबली जी !

एक बार गूंजअनुगूंज ब्लॉग भी देख लीजिए ।

http://gunjanugunj.blogspot.com

सादर

मनोज भारती

अनूप शुक्ल said...

बहुत अच्छा टाइप किया और बहुत सुन्दर चित्र लगाया। ये किसके लिखे और बनाये हैं?

Arvind Mishra said...

सुकोमल अभिव्यक्ति !

Sumit Pratap Singh said...

सन्देश अच्छा लगा...

शरद कोकास said...

मुझे भी किसी गीत की ये पंक्तियाँ यद आ गईं " झीलें अतीत की न खयालों में ढूँढिये / बहती नदी के पास रहो शाम के समय " - शरद

vijay kumar sappatti said...

babali ji
namaskar

kya kahun , aapki kavita aur aapki banayi hui painting dono hi dil ko choo gaye ..

ummeed ki kiran na khoyiye ..

meri badhi sweekar kare ...

Regards

Vijay
www.poemsofvijay.blogspot.com

Manav Mehta 'मन' said...

Bahut sundar babli ji...