Friday, October 2, 2009


गांधीजी का सपना जब सत्य बना,
देश तभी जब स्वतंत्र हुआ,
आज फिर से हम सब याद करें वो मेहनत वो कुर्बानी,
जो किए थे वीरों ने और अपना भारत गणतंत्र हुआ !

29 comments:

Hobo ........ ........ ........ said...

सत्य !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

जन्म-दिवस पर
महात्मा गांधी जी और
पं.लालबहादुर शास्त्री जी को नमन।

Manoj Bharti said...

गाँधी जी व शास्त्री जी को नमन

आज फिर से हम सब याद करें वो मेहनत वो कुर्बानी,
जो किए थे वीरों ने और अपना भारत गणतंत्र हुआ !

सुंदर अभिव्यक्ति

M VERMA said...

नमन गाँधी और शास्त्री जी को

kshama said...

Behad achha laga ye rachnaa padhke...warna us Matama ko, jise jaate dekh pooree kaaynaat ro padee thee, ek aupcharikta wash yaad kiya jata hai...

MANOJ KUMAR said...

अभिनंदन।
बापू को याद करने के बिए।
नमन।

एकलव्य said...

अच्छी रचना
बापू जयंती की शुभकामना

शरद कोकास said...

गान्धी व शास्त्री जी की जयंती पर शुभकामनायें

शिवम् मिश्रा said...

आज शास्त्री जी की भी जयंती होती है,कितने जानते है ??

भारत माता के सच्चे 'लाल', लाल बहादुर शास्त्री जी को मेरा शत शत नमन !

JHAROKHA said...

आपने सच लिखा है ---शहीदों को याद करके ,उनके बताये रास्तों पर चल के ही हम उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
पूनम

BK Chowla said...

Aise Vir Ab Kahan Hain?

SACCHAI said...

" bahut hi accha laga padhker bahut hi satik likha hai aapne ...aaj kal aise vir kahan janm lete hai "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

http://hindimasti4u.blogspot.com

Pankaj Mishra said...

गान्धी व शास्त्री जी की जयंती पर शुभकामनायें

वन्दना said...

gandhi ji aur shastri ji ko naman

RAJNISH PARIHAR said...

उन वीरों की शहादत के कारण ही आज हम स्वतंत्र है...

naveentyagi said...

उर्मी जी माफी चाहूँगा ,भारत गाँधी के कारन नहीं बल्कि उन लाखों
बलिदानों की वजह से आजाद हुआ जिनके नाम इतिहास लिखने वाले गाँधी
के चेलों ने भुला दिए है.गाँधी को बापू व नेहरू को चाचा हमारे नोनिहालों
को इतना रटवा दिया जाता है कि उन्हें सावरकर,खुदीराम बोश,शांति घोष
मदन लाल धींगरा,ऊधम सिंह,लाला हरदयाल,भगत सिंह. दुर्गा भाभी.,जैसे लांखो
क्रांतिकारियों का पता ही नहीं होता.
कितने लोग जानते है कि सरदार भगत सिंह कि सहयोगी दुर्गा भाभी कि म्रत्यु
अभी १० वर्ष पहले ही हुई है.कितने लोग जानते है कि वीर सावरकर भी आजाद
भारत में २० वर्ष जिन्दा रहे है कितने लोग जानते है कि भारत कि सबसे छोटी उम्र
कि क्रांतिकारी १४ वर्ष कि दो मासूम छात्राएं थी,ऐसे ही हजारों -हजारों हुतात्माओं के कारन हमारे देश
को आजादी मिली.
अंग्रेज अगर ये बात मानते कि भारत को आजाद करने का कारन गाँधी कि अहिंसा है
तो ये उनका बड़प्पन ही होता.किन्तु इस बात को तो अंग्रेजो ने भी नकार दिया.
उस समय इंग्लेंड के प्रधान मंत्री रहे एटली ने भी यही स्वीकार किया कि भारतीय फौज
अब रोटी के लिए हमारी वफादार नहीं रही है .आजाद हिंद फौज को अपना आदर्श मानकर
वह कभी भी विद्रोह कर सकती है,ऐसे में वहां एक भी अंग्रेज का बचाना मुश्किल हो जाएगा
अतः अब भारत को स्वतंत्र करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं

Harsh said...

satyam bruyaat

दिगम्बर नासवा said...

GANDHI JI AUR SHASHTRI JI KO NAMAN HAI HAMARA ...

hem pandey said...

प्रस्तुत पंक्तियों की भावना प्रशंसनीय है.

गर्दूं-गाफिल said...

मोहब्बत भरेदिल में देश के लिए भी मोहब्बत है
वाह बढ़ाई

prabodh shastri said...

tyagi ji mai aapki baat se pooree tarah sahmat hoon.

Mumukshh Ki Rachanain said...

जन्म-दिवस पर महात्मा गांधी जी और पं.लालबहादुर शास्त्री जी को नमन।

इस अवसर पर आपका सुन्दर सन्देश पसंद आया.......

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com

Amit K Sagar said...

गाँधी जी को नमन
और विविधता के एक नए रूप में आपको पढा, आपको भी नमन. यकीनन आप अपनी अभिव्यक्ति को बहुत सुन्दर तरीके से पेश करती हैं.
जैसे बैठे वो जहां
महफ़िल हुई वहाँ
जारी रहें. शुभकामनाएं.
---

हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

ओम आर्य said...

गांघी जी को नमन और लाल बहादुर शास्त्री जी को भी!

abdul hai said...

Nice written

Sumandebray said...

Hope our country excels in all the fields...
Hope the next generation will stand up for their rights and have the courage ... patthar se patthar ko takrane ka

महामंत्री - तस्लीम said...

गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

ज्योति सिंह said...

baapu ko shat -shat naman .umda

vikram7 said...

गाँधी जी व शास्त्री जी को नमन