Sunday, February 14, 2010


ख़ामोश आंखें हर बात कह जाती है,
मोहब्बत की नहीं जाती हो ही जाती है,
इंतज़ार के लम्हें अब ख़त्म हो गए हैं,
आज के दिन हम एक दूजे के हो गए हैं !

41 comments:

निर्मला कपिला said...

बहुत बहुत बधाई बबली जी।

संजय भास्कर said...

वेलेंटाइन-डे पर बेहतरीन प्रस्तुति...वेलेंटाइन-डे की शुभकामनायें !!

विचारों का दर्पण said...

बढ़िया प्रस्तुति ...

वन्दना said...

waah bahut sundar likha hai babli ji.

BK Chowla, said...

Beautiful poem on valentines day.

kavita said...

Beautiful Valentine thought.

Udan Tashtari said...

बढ़िया है जी/

BrijmohanShrivastava said...

आंखें तो खामोश रहती ही है ।बहुत अच्छी रचना

Rekhaa Prahalad said...

बहुत बहुत बधाई बबली जी! Happy Valentine's day!

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

बहुत बढिया प्रस्तुति....

डॉ टी एस दराल said...

बढ़िया है जी, बधाई।

मनोज कुमार said...

बधाई व शुभकामनाएँ.

chitra said...

Happy V. Day

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर.

रामराम.

राज भाटिय़ा said...

शिव बाबा घबरा रहे है आप की ऊपर ओर नीचे की पोस्ट देख कर :) अति सुंदर

shama said...

Hameshaki tarah sundar rachana!

M VERMA said...

अच्छा मौसमी सौगात दिया है आपने
सुन्दर

kshama said...

Guldaste me jada ek aur sundar phool!

Suman said...

nice

महफूज़ अली said...

वेलेंटाइन-डे पर बेहतरीन प्रस्तुति...

योगेश स्वप्न said...

kam shabdon men zyadabhav, achchi rachna, badhai.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

प्रेम दिवस पर सुन्दर मुक्तक!
बहुत बहुत बधाई बबली जी।

रावेंद्रकुमार रवि said...

शुभकामनाएँ - 4 लाइनों पर
40 प्यार-भरे कमेंट्स के लिए!

--
कह रहीं बालियाँ गेहूँ की - "वसंत फिर आता है - मेरे लिए,
नवसुर में कोयल गाता है - मीठा-मीठा-मीठा! "
--
संपादक : सरस पायस

sangeeta swarup said...

खामोश आँखों ने वो जादू कर दिया
तेरी मुहब्बत को सरंजाम कर दिया

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

बबली जी आदाब
इंतज़ार के लम्हें अब ख़त्म हो गए हैं,
आज के दिन हम एक दूजे के हो गए हैं...
वाह..
लेखन में दिन-प्रतिदिन आते निखार के लिये
आपको बहुत बहुत बधाई.

Mithilesh dubey said...

बेहद खूबसूरत ।

manav vikash vigan aur adhatam said...

prem divas par is tarah ke prstuti ke liye danyavad hame ommeed hai kee aage bhee is tateeke sayari hame padane ko milege ek bar ham ye kahane ko majaboor hai kee vigyan nahi hota to hame guldaste e sayaree ka deedar nahi hota

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

bahut achhi baat....

wakai ik dooje ke ho gaye hain!!

अक्षिता (पाखी) said...

बहुत सुन्दर गीत लिखा आपने..कभी मेरे ब्लॉग पर भी आयें.

psingh said...

सुन्दर रचना के लिए
आभार ..............

अजय कुमार said...

प्रेम से परिपूर्ण रचना के लिये बधाई

अजय कुमार झा said...

नहीं जी आजकल से मन से नहीं लिखा जा रहा है शायद

देखिए
खामोश आखें सब कुछ कह जाती हैं ,
प्रेमी रहे न रहें , मुहब्बत रह जाती है ॥

इंतज़ार के लम्हे अब खत्म हो गए ,
तुम संग मिले बोल , सब नज़्म हो गए ॥

हमेशा की तरह चुहल कर बैठा , आप थोडी रवानी में आईये न

अजय कुमार झा

मस्तानों का महक़मा said...

वेलेंटाइन-डे की इस रचना पर आपको बहुत बहुत बधाई...
रिश्तों और प्यार के बीच इस गहराई को चंद लफ्ज़ो में उतरने के लिए शुक्रिया.
पढ़कर अच्छा लगा

दिगम्बर नासवा said...

वेलेंटाई डे पर सटीक रचना ... बहुत कमाल का लिखा है ... बधाई .........

अमिताभ श्रीवास्तव said...

wah, ynha bhi..jabardast panktiya..is din ko aapne apne ehsaso se jiyaa he

Razi Shahab said...

waah kya baat hai.....mast poetry.......hmmmm bahut badhiya

अलीम आज़मी said...

wow kitna romantic andaaz se isko aapne likha hai .... kafi umda

डॉ. मनोज मिश्र said...

बहुत बढ़िया.

Akanksha~आकांक्षा said...

दिल की बात..दिल के जज्बात.
अभिनव प्रस्तुति.....बधाइयाँ .

singhsdm said...

उर्मी जी
आपकी पोस्ट पर किसी शायर का कलाम याद आ गया.....
माना कि ज़ुबां खामोश रहे,
होठों पे मगर काबू किसका,
अफसाने दिल होठों से नहीं
आखों से सुनाये जाते हैं.......!
उम्दा लिख आपने......!

vishnu-luvingheart said...

Good one!!!!
Singhsdm ji aur aapke ke kalam pe arj hai....

woh kahte hai, Labon se kahne mein sharam aati hai....
Aur hume kambhakt aankhe nahi padhni aati hai....