Tuesday, September 14, 2010


वो बारिश ही क्या जिसमें भीगा जाए,
वो बिछड़ना ही क्या जिसमें आँसूं आए,
वो पल ही क्या जब तेरी याद आए,
वो प्यार ही क्या जिसे निभाया जाए !

39 comments:

Arvind Mishra said...

वाह दिल को छू गयी रचना

वन्दना said...

बहुत खूब्…………………उम्दा प्रस्तुति।

महफूज़ अली said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति...

sheetal said...

sach hi kaha aapne,
barsaat ki un thandi fuharo main bheegna,
kisi se bichadkar aankho ka sajal hona,
har pal is dil main kisi ki yaad ko basana,
aur pure tanman ke saath rishto ko nibhana,yehi to jindagi hain.

Bahut khubsurat likha aapne,dil ko puri tarah se is khubsurat ehsaas se bhigo diya aapne.

रचना दीक्षित said...

वो प्यार ही क्या जिसे निभाया न जाए
सच ही है

chitra said...

Beautiful creation,.

राज भाटिय़ा said...

वाह वाह जी बहुत खुब सुरत रचना

सुधीर said...

बहुत सुंदर

arvind said...

sadaa ki tarah bahut sundar.

Gouri Guha said...

Short, simple and sweet composition. Enjoyed the read.

kavita said...

Nice one and the picture looks very pretty.

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत लाजवाब,

रामराम.

राकेश कौशिक said...

मार्मिक

kshama said...

Hameshaki tarah..Babli,itna sundar kaise likh leti ho harbaar?

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

मन खुस हो गया...

बेचैन आत्मा said...

सुंदर!

डॉ टी एस दराल said...

वाह , बहुत सुन्दर ।

खबरों की दुनियाँ , भाग्योत्कर्ष said...

गागर में सागर । हर पंक्ति सार गर्भित ,अंतःकरण को छूने में सक्षम , बधाई ।

Coral said...

ऊफ दिल कि बात लिखती है आप...

RAJNISH PARIHAR said...

सच में वो प्यार ही क्या जिसे निभाया न जाए!!!बहुत खूब्…………………

अनामिका की सदायें ...... said...

सुंदर प्रस्तुति.

Udan Tashtari said...

बेहतरीन!

मो सम कौन ? said...

खूबसूरत पंक्तियाँ, बेंचमार्क निर्धारित कर दिये हैं आपने हर चीज के, और सभी सटीक।

सत्यप्रकाश पाण्डेय said...

बढ़िया प्रस्तुति,

यहाँ भी पधारें :-
अकेला कलम...

VIJAY KUMAR VERMA said...

वो प्यार ही क्या जिसे निभाया न जाए
दिल को छू गयी रचना
बहुत सुंदर प्रस्तुति...

शिवम् मिश्रा said...


बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

Sonal said...

bahut hi badiya....

Mere blog par bhi sawaagat hai aapka.....

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BK Chowla, said...

Very touching

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

कमाल की अभिव्यक्ति है!
--
बधाई!
--
दो दिनों तक नेट खराब रहा! आज कुछ ठीक है।
शाम तक सबके यहाँ हाजिरी लगाने का

दिगम्बर नासवा said...

बहुत खूब .. सच में प्यार निभाना चाहिए ...

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

अति सुंदर।
---------
ब्लॉगर्स की इज्जत का सवाल है।
कम उम्र में माँ बनती लड़कियों का एक सच।

JHAROKHA said...

बब्ली जी ,सच कहा आपने ---वो बारिश ही क्या जिसमें भीगा न जाय।---सुन्दर पंक्तियां।

Virendra Singh Chauhan said...

बहुत सुंदर ....
आभार ...

sm said...

beautiful
oh poem he kya
jise comment na mile
very beautiful

lokendra singh rajput said...

चारों बाते सही निशाने पर.......
और बबली जी की वह शायरी ही क्या जो दिल को न छू जाए। सही कहा न।

डॉ. हरदीप संधु said...

वो बादल ही क्या जो बारिश न दें
वो शायरी ही क्या जो मज़ा न दे....
बबली जी....
बहुत ही अच्छा लिखा है....मज़ा आ गया पढ़कर...

Harsh said...

bahut khoob

minakshi pant said...

वो दोस्त ही क्या जो तारीफ ही न कर पाए !

डॉ. नूतन - नीति said...

wow... wonderful lines..