Tuesday, October 19, 2010


हर किसीसे इश्क़ नहीं किया जा सकता,
ये वो रिश्ता है जो आज़माया नहीं जाता,
मिलते है रोज़ कई अजनबियों से,
मगर दिल हर किसीसे मिलाया नहीं जाता !

42 comments:

वन्दना said...

बिल्कुल सही कहा……………बहुत सुन्दर भाव्।

मृत्‍युन्‍जय कुमार त्रिपाठी said...

हर एक से इश्‍क किया नहीं जाता... हम तो कहते हैं कि इश्‍क एक से भी किया नहीं जाता- बस हो जाता है। और यह तो सच ही है कि हर किसी से इश्‍क नहीं हो सकता। जहां तक सबसे मिलने की बात है तो हम अपनी जरूरतों से अक्‍सर हजारों लोगों से अपनी जिंदगी में मिलते हैं, लेकिन वे ऐसे लोग होते हैं जिन्‍हें हम अपने दिमाग से लेते हैं, इनमें से कोई ही एक होता है जिस पर दिल आ जाए। और जब दिल आता है दिमाग भी उस पर काबू नहीं पाता। बिल्‍कुल सही बात कही है।

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत सुन्दर रचना ... संस्कार यही कहते हैं ....

संजय भास्कर said...

बहुत सुंदर, शुभकामनाएं.

संजय भास्कर said...

बहुत खूब....और बहुत ही सुंदर लिखा है आपने...

Poorviya said...

bahut sunder likha hai
ek line hum bhee jod dete hai
har koie ishq kar bhee nahi sakata ------

kshama said...

Bilkul sahi! Babli! Hameshaki tarah khoobsoorat panktiyan!

P S Bhakuni (Paanu) said...

मिलते है रोज़ कई अजनबियों से,
मगर दिल हर किसीसे मिलाया नहीं जाता !
ati sunder.......jbki pratham panktiyon mai kuch sudhaar ki gunjaes hai......

dipayan said...

आज बहुत दिन बाद ब्लाग जगत मे कदम रखा । असल मे, PTMBA join किया सो वक्त की कमी महसूस होती है ।
वैसे, आपके कविता के बारे मे क्या कहे, चन्द शब्दो मे गहरी बात कहने का हुनर है । अति सुन्दर, बधाई ।

shama said...

Bahut khoob,Babli!

Akanksha~आकांक्षा said...

बहुत सुन्दर भाव...बरकरार रखें...बधाई.

sada said...

बहुत सही, हमेशा की तरह सुन्‍दर भावमय प्रस्‍तुति ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

मक्तक में बहुत ही पते की बात कही है आपने!

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

बहुत खूब, बहुत खूब।

डॉ. हरदीप संधु said...

बहुत सुंदर.....

रचना दीक्षित said...

बहुत सुन्दर भाव व रचना

डॉ टी एस दराल said...

बहुत खूब ।

sheetal said...

sahi baat hain ki har kisi se dil nahi lagaya jaa sakta.
bahut sundar likha aapne.

mahendra verma said...

अच्छी पंक्तियां हैं...बहुत खूब।

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

sahi baat sateek andaaz!!

Udan Tashtari said...

बहुत सही!

रश्मि प्रभा... said...

sambhaw hi nahi.... her din hone lage wo ishq kahan hota hai

chitra said...

Khoobsoorat pankhthiyan...

राज भाटिय़ा said...

बहुत उम्दा लगी आप की यह चंद सुंदर लाईने, धन्यवाद

अजय कुमार said...

इश्क तो तब होगा जब दिल को कोई भाये ।

एस.एम.मासूम said...

दिल अधिकतर ग़लत लोगों से ही आज के युग मैं मिलाया जाता है. अनजाने मैं. क्योंकि ग़लत और सही नहीं आज के युग मैं ज़रुरत पे दिल मिलाया जाता है. ज़रुरत निकल जाने पे. टा टा बाय बाय

रानीविशाल said...

बहुत सही बात बहुत सुन्दर ठंग से कही .....!!

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

बहुत अच्छा लिखा है, हर हाथ मिलाने वाला दोस्त नहीं होता.

VIJAY KUMAR VERMA said...

dil ko chhoo lene waleee bat likhee hai aapne...ishak ek bhaw hai man ka..iska bazareekaran nahi kiya ja sakta...sundar prstuti ke liye badhai

केवल राम said...

इश्क शब्द कहने में जितना आसन है उतना निभाने में कठिन भी है ,और जिन्दगी में इश्क किया नहीं जाता यह हो जाता है . इसलिए दिल हर किसी से नहीं मिलाया जाता .
सुंदर भाव ....शुभकामनायें

anjana said...

बहुत सुन्दर

अनामिका की सदायें ...... said...

सच को उकेरती शायरी.

lokendra singh rajput said...

बबली जी बिलकुल सही कहा आपने... दिल हर किसी से नहीं मिलाया जाता।

BK Chowla, said...

The man looks so much like Hritik Roshan

Bikramjit Singh Mann said...

wah ji wah .. kya baat kah hai ..
kaash sabhi padh payen or samjhen is baat ko..

I do hope people realise this and dont go for yeh nahin to woh sahi attitude ... LOVE is divine

Bikram's Blog

दिगम्बर नासवा said...

सच है दिल तो उसी से मिलता है जिससे दिल लगता है ... बहुत खूब ....

VIJAY KUMAR VERMA said...

बहुत सुन्दर रचना

Dimps said...

Cool :)
Good, great, fantastic :)
And the best part is ... it is so true :)

Regards,
Dimple

कविता रावत said...

बहुत सुंदर, शुभकामनाएं

SAMEER said...

aapka ye roop bhi hai ..bahut sunder rachna

VIJAY KUMAR VERMA said...

बहुत सुन्दर भाव...
बधाई.

Ankit said...

Rightly said !!!

The posts are really good !!!