Monday, March 21, 2011

नज़रें मिलाकर नज़रें मत चुरा लेना,
प्यार करके हमें यूँ भुला देना,
हम रहेंगे तुम्हारे बेगाना समझना,
तुमसे दूर रहने की सज़ा हमें देना !

37 comments:

सदा said...

बहुत खूब ...सुन्‍दर शब्‍द ।।

रश्मि प्रभा... said...

bahut hi achha likha hai

पी.एस .भाकुनी said...

सुंदर पंक्तियाँ ....
आभार.........

: केवल राम : said...

प्यार भी क्या है ..कहा भी न जाए चुप रहा भी न जाए ..!

राजेन्द्र राठौर said...

बहुत भावुक और मार्मिक है। बधाई

Manpreet Kaur said...

वह वह वह बहुत ही अच्छा पोस्ट है जी!हवे अ गुड डे !मेरे ब्लॉग पर बी आये !
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दर्शन कौर धनोए said...

बहुत सुन्दर है तुम्हारी नजरे !
इन्हें चुराना नही ?
हम रहेगे सदा तुम्हारे
बेगाना हमे समझना नही !

Bhushan said...

आपका ब्लॉग पहली बार देखा. थोड़े शब्दों में भावाभिव्यक्ति को चित्रों का प्रयोग पूर्णता प्रदान कर रहा है. बहुत अच्छा लगा.

आपको भी होली की शुभकामनाएँ.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत प्यारा मुक्तक लिखा है आपने!
बधाई!

विशाल said...

बहुत ही खूब.
सरलता से बयाँ की गयी अभिव्यक्ति.
सलाम.

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत खूबसूरत.

रामराम

Rahul Singh said...

कौन टाल सकेगा यह आग्रह.

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर जी..

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

अल्लाह आपकी हर ख्वाहिश पूरी करे!!

BK Chowla, said...

Very very nice

M VERMA said...

इल्तिजा के ये भाव सुन्दर लगे

Abhilash Pillai said...

wah! loving lines... maan gaye boss

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

दिल की गहराई से निकले हुए अहसास की खुशबू से सराबोर !
आभार !

Kunwar Kusumesh said...

मुहब्बत से लबरेज़.

vaah

क्या बात है,

sheetal said...

sundar likha aapne.
der se hi sahi Holi ki hardik subhkamnai.

Dr Varsha Singh said...

हम रहेंगे तुम्हारे न बेगाना समझना,
तुमसे दूर रहने की सज़ा हमें न देना !

वाह क्या खूब कहा है .....

Harman said...

sundar ati sundar!
nice:)

Saiyed Faiz Hasnain said...

wo nazre mila ke nazre chura lete hai ...
zalim pyar karte hai kisi aur se aur kisi aur se shadi racha lete hai ........

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

बहुत खूब !

Dilbag Virk said...

sunder muktak

chitra said...

Beautiful lines....

संतोष पाण्डेय said...

kya naat hai. badhiya likha hai.

देवेन्द्र पाण्डेय said...

..वाह!

Sumandebray said...

wah.. bahut aacha .. kya baat

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर रचना|

नवसंवत्सर २०६८ की हार्दिक शुभकामनाएँ|

Coral said...

क्या बात है ...जुदाई का दर्द ....या रब्बा दुश्मन को भी न दे

AREEBA said...

नज़रें मिलाकर नज़रें मत चुरा लेना,
प्यार करके हमें यूँ न भुला देना,
हम रहेंगे तुम्हारे न बेगाना समझना,
तुमसे दूर रहने की सज़ा हमें न देना !
bahut hi khubsurat andaz

हरीश सिंह said...

बहुत अच्छी पोस्ट, शुभकामना, मैं सभी धर्मो को सम्मान देता हूँ, जिस तरह मुसलमान अपने धर्म के प्रति समर्पित है, उसी तरह हिन्दू भी समर्पित है. यदि समाज में प्रेम,आपसी सौहार्द और समरसता लानी है तो सभी के भावनाओ का सम्मान करना होगा.
यहाँ भी आये. और अपने विचार अवश्य व्यक्त करें ताकि धार्मिक विवादों पर अंकुश लगाया जा सके., हो सके तो फालोवर बनकर हमारा हौसला भी बढ़ाएं.
मुस्लिम ब्लोगर यह बताएं क्या यह पोस्ट हिन्दुओ के भावनाओ पर कुठाराघात नहीं करती.

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

दोस्तों, क्या सबसे बकवास पोस्ट पर टिप्पणी करोंगे. मत करना,वरना......... भारत देश के किसी थाने में आपके खिलाफ फर्जी देशद्रोह या किसी अन्य धारा के तहत केस दर्ज हो जायेगा. क्या कहा आपको डर नहीं लगता? फिर दिखाओ सब अपनी-अपनी हिम्मत का नमूना और यह रहा उसका लिंक प्यार करने वाले जीते हैं शान से, मरते हैं शान से (http://sach-ka-saamana.blogspot.com/2011/04/blog-post_29.html )

knkayastha said...

वाह... अति सुंदर

JHAROKHA said...

urmi ji
bahut bahut hi khoobsurat v pyaar karne ka ijhaar bhi nirala
kua baat hai
bahut sundar
poonam

जयकृष्ण राय तुषार said...

बहुत खूब सुंदर प्रस्तुति बधाई और शुभकामनाएं |