Tuesday, May 3, 2011


होंठ कह नहीं सकते फ़साना दिल का,
नज़र से वो बात हो जाती है,
इस उम्मीद में करते हैं इंतज़ार आपका,
कनखियों से ही तेरा दीदार हो जाये !

39 comments:

संजय भास्कर said...

बहुत ही खूब...

संजय भास्कर said...

सुंदर पंक्तियाँ ....बबली जी..

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

मन्ना दे का एक गाना याद आ गया "मुहवा से बोलs कनखिया न मारs!!
आप गायब कहाँ हो जाती हैं!!

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

वाह ....क्या कहने !

रचना के साथ चित्र ......गज़ब

सदा said...

वाह ...बहुत खूब कहा है आपने इन पंक्तियों में ।

Kunwar Kusumesh said...

होंठ कह नहीं सकते फ़साना दिल का,
नज़र से वो बात हो जाती है,
इस उम्मीद में करते हैं इंतज़ार आपका,
कनखियों से ही तेरा दीदार हो जाये !

बहुत सुन्दर शब्द संयोजन और फोटो उसके एकदम अनुकूल .बहुत बढ़िया प्रस्तुति.कई दिनों बाद पढ़ा आपको.

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूब ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर रचना!

वन्दना said...

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (5-5-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

http://charchamanch.blogspot.com/

AlbelaKhatri.com said...

kya baat hai bablee ji !

chha gayi aap to.......

SACCHAI said...

albela ji se sahemat ..umda

Neha said...

Lamhe Ye Suhane Saath Ho Na Ho,
Kal Mein Aaj Ki Baat Ho Na Ho,
Yaadoien Ke Hasin Lamhe Dil Mein Hamesha Rahenge,
Chahe Aapse Mulakat Ho Na Ho......

lokendra singh rajput said...

वाह क्या बात है... बहुत ही शानदार... कनखियों से दीदार का आनंद ही जुदा है...

Sardhana said...

होंठ कह नहीं सकते फ़साना दिल का,
नज़र से वो बात हो जाती है,
इस उम्मीद में करते हैं इंतज़ार आपका,
कनखियों से ही तेरा दीदार हो जाये !
बहुत सुंदर लिखा है, बधाई

मनोज भारती said...

कन-अंखियों से तेरा दीदार ... वाह क्या बात कही है...लाज़वाब !!!

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर प्रस्‍तुति, धन्यवाद

Udan Tashtari said...

बेहतरीन...

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

श्रीमान जी, मैंने अपने अनुभवों के आधार ""आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें"" हिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है. मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग www.rksirfiraa.blogspot.com पर टिप्पणी करने एक बार जरुर आयेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.

रचना दीक्षित said...

भावनाओ की कोमल अभिव्यक्ति. बहुत सुंदर.

udaya veer singh said...

marmik,mohak panktiyan. sunder ban padi hain badhayi .

anupama's sukrity ! said...

खुशनुमा ..बहुत सुंदर रचना .....
बधाई आपको बबली जी ...!!

Rakesh Kumar said...

चार लाइनों में दिल के जज्बात खूबसूरती से
व्यक्त करके आपने दिल को छू लिया है.

बहुत दिनों से मेरे ब्लॉग पर आप नहीं आयीं
हैं.आपका इंतजार है.

Manpreet Kaur said...

वाह ....क्या कहने !हवे अ गुड डे ! मेरे ब्लॉग पर आने का धन्यवाद !
Music Bol
Lyrics Mantra
Shayari Dil Se

RAJNISH PARIHAR said...

वाह क्या बात है... बहुत ही शानदार प्रस्‍तुति......

mridula pradhan said...

very good.....

अनामिका की सदायें ...... said...

jabardast. !

दर्शन कौर धनोए said...

waah !kyaa baat haae ?

पंकज मिश्रा said...

क्या खूब लिख दिया है आपने। कविता की तारीफ तो बहुत लोग कर चुके, लेकिन मुझे लगता है फोटो भी छांट कर निकाली है आपने। बहुत मेहनत से खोजी गई लगती है। बधाई।

Dr Varsha Singh said...

EXCELLENT...

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

सुंदर ...प्रभावी पंक्तियाँ.....

निर्मला कपिला said...

कनखियों से दीदार ---- क्या बात है।

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

श्रीमान जी, क्या आप हिंदी से प्रेम करते हैं? तब एक बार जरुर आये. मैंने अपने अनुभवों के आधार ""आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें"" हिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है. मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग www.rksirfiraa.blogspot.com पर टिप्पणी करने एक बार जरुर आयेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.

श्रीमान जी, हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु सुझाव :-आप भी अपने ब्लोगों पर "अपने ब्लॉग में हिंदी में लिखने वाला विजेट" लगाए. मैंने भी कल ही लगाये है. इससे हिंदी प्रेमियों को सुविधा और लाभ होगा.

कविता रावत said...

बहुत खूब...

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

क्या आप हिंदी से प्रेम करते हैं? तब एक बार जरुर आये. मैंने अपने अनुभवों के आधार आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लेंहिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है.मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग एक बार जरुर आयेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.

ज्योति सिंह said...

होंठ कह नहीं सकते फ़साना दिल का,
नज़र से वो बात हो जाती है,
इस उम्मीद में करते हैं इंतज़ार आपका,
कनखियों से ही तेरा दीदार हो जाये !
bahut sundar

anju choudhary..(anu) said...

bahut khub

veerubhai said...

"न कोई वक्त ,न कोई उम्मीद ,न कोई वायदा
खड़े थे रहगुज़र पर ,करना था ,इंतज़ार तेरा ."
इंतजारी का इक आलम यह भी है -
प्रतीक्षा में युग बीत गए ,सन्देश न कोई मिल पाया ,
सच बतलाऊँ तुम्हें प्राण ,इस जीने से मरना भाया ।
अच्छी भाव पूर्ण पंक्तियों के लिए -मुबारकबाद !

Arvind Mishra said...

वाह क्या खूब !

mahendra srivastava said...

अच्छी लाइनें.. बहुत सुंदर