Saturday, May 7, 2011


माँ की याद हर पल सताए,
माँ की ममता कौन भुलाये,
माँ से रिश्ता उम्रभर निभाए,
माँ ख़ुशी से हमेशा मुस्कुराये,
और कोई न दूजा, माँ से प्यारा,
दर्स डे पर माँ को प्रणाम हमारा !

36 comments:

anupama's sukrity ! said...

BEAUTIFUL LINES -
MAPPY MOTHERS' DAY .

डॉ टी एस दराल said...

हैप्पी मदर्स डे ।
शुभकामनायें ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

शुभकामनायें

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

मदर्स डे पर माँ को प्रणाम!
बहुत सुन्दर!

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

माँ से बढ़कर कौन ?.....कोई नहीं | भावपूर्ण सुन्दर रचना

Dr Varsha Singh said...

remarkable ...touchy...

kshama said...

Bahut dinon baad likha hai!Lekin bahut sundar likha hai!
Happy mother's day!

SACCHAI said...

shandar

sister mai aapko ek mail bhejta hu jara dekh lena

mahendra verma said...

मातृ दिवस पर मां को नमन।

nilesh mathur said...

बहुत सुन्दर!

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

श्रीमान जी,क्या आप हिंदी से प्रेम करते हैं? तब एक बार जरुर आये. मैंने अपने अनुभवों के आधार आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें हिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है.मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग एक बार जरुर आयेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.

रचना दीक्षित said...

मातृदिवस की शुभकामनाएँ

Udan Tashtari said...

मातृदिवस की शुभकामनाएँ..

सादर

समीर लाल
http://udantashtari.blogspot.com/

दिगम्बर नासवा said...

माँ को समर्पित सुंदर नज़्म ...

राज भाटिय़ा said...

अति सुंदर कविता...

सहज साहित्य said...

माँ के सच्चे स्वरूप को चित्रित करती मनोहारी कविता ! आपको बहुत बधाई !

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

हमारा भी!!

chitra said...

Beautiful lines. Pranam t0 all Mothers.

lokendra singh rajput said...

सुंदर रचना. मात् दिवस कि शुभकामनाएँ

veerubhai said...

आपके उदगारों को प्रणाम !

राकेश कौशिक said...

"कोई न दूजा, माँ से प्यारा"
शाश्वत सत्य

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

माँ को याद करती एक खूबसूरत कविता

पंकज मिश्रा said...

बहुत सुन्दर
मदर्स डे पर माँ को प्रणाम!

Vidhya said...

So well written.

सदा said...

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

एम सिंह said...

माँ...तुझे सलाम

दुनाली पर आएं-
कहानी हॉरर न्यूज़ चैनल्स की

sheetal said...

sry jara comment dene main deri ho gayi.
aapko mother's day ki hardik subhkamnai.
maa aur baccho ka rishta kuch aisa hi hota hain..aur usme bhi maa beti ka rishta to aur bhi jyaada gehra hota hain.
mera rishta meri maa se ek dost ki tarah hain.

Surendrashukla" Bhramar" said...

उर्मी जी खूबसूरत रचना आप की
और दूजा कोई न प्यारा
सच है माँ भी भगवान के बाद दूसरे स्थान पर है एक देवी जिसे हमेशा दिल के पास रखना है
बहुत सुन्दर अन्य रचनाये आप की अब तो पढते रहेंगे
शुक्ल भ्रमर ५

Manav Mehta said...

bahut khoob...badhiya...

सुमन'मीत' said...

bahut sundar...

: केवल राम : said...

सब कुछ समेट दिया इन पंक्तियों में ..!

mahendra srivastava said...

दुनिया की सभी मां को प्रणाम...

मुनव्वर राना की दो लाइनें बहुत प्रभावित करती हैं

मां मेरे गुनाहों को कुछ इस तरह से धो देती है,
जब वो बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।।

Kunwar Kusumesh said...

और कोई न दूजा, माँ से प्यारा,
मदर्स डे पर माँ को प्रणाम हमारा !

आपने बहुत सटीक और सामयिक लिखा है. माँ से अच्छा कोई नहीं.

नूतन .. said...

बहुत सुन्दर लिखा है आपने!

तरुण भारतीय said...

माँ कि ममता को अपने शब्दों में पिरोनें कि जो कोशिश कि है ....वो अच्छी है ..........इस दुनिया में माँ के रिश्ते से बड़ा कोई रिश्ता नही होता |

जयकृष्ण राय तुषार said...

सुंदर कविता बधाई और शुभकामनाएं बबली जी