Wednesday, April 15, 2009

चाह था जिसे उसे भुलाया गया,
ज़ख्म दिल का लोगों से छुपाया गया,
बेवफाई के बाद भी इतना प्यार करता है दिल उसे,
की बेवफाई का इल्जाम भी उस पर लगाया गया...

5 comments:

SUNIL KUMAR SONU said...

vo jise chaha chan bhar me use bhula diya.ek hamhi the jo use bhulane me,ek yug laga diya

अभिन्न said...

क्यूँ ये ब्लॉग हमसे हमसे छुपाया गया
क्यूँ हमसे कभी इधर न आया गया
मोती मोती बिखरे है हर शूं इसमें
क्यूँ कोई हार न इनसे बनाया गया
.......अनायास ही मेरे जज़्बात इस तरह से निकल आये एक के बाद एक सुन्दर ओर प्रभावशाली शेर
आपको मुबारकबाद

purushottam said...

सुन्दर

''अम्बरीष मिश्रा '' said...

main bhi dard me sareek hun

M VERMA said...

यू ही तो नही आसुओ का पहरा होगा
यकीनन जख्म कोई गहरा होगा
chitra dekhkar to mere bhi aansu nikal pade.