Wednesday, July 22, 2009


हर दिल में दर्द छुपा होता है
पर बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,
कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !

55 comments:

अजय कुमार झा said...

ये जो है हाड-मांस का पुतला,सच में तो,
इसी दर्द और हंसी से बना होता है,
जीवन का फलसफा भी तो अक्सर ,
इनके बहाने ही बयां होता है ..

खुशी -गम से ऊपर उठ जाता है,
किसी का जब दर्द जवां होता है.
कोई छुपा ले दर्द अपना, होठों से होता है,
कमबख्त , आँखों से कहाँ होता है..

श्यामल सुमन said...

कम शब्दों में गहरी बात कहने की बेहतर कोशिश। वाह बबली जी।

कई लोगों को देखा है, जो छुपकर के गजल गाते
बहुत हैं लोग दुनियाँ में, जो गिरकर के संभल जाते
इसी सावन में अपना घर जला है क्या कहूँ यारो
नहीं रोता हूँ फिर भी आँख से, आँसू निकल आते

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

yuva said...

हंसी है दर्द की सबसे बेहतर दवा
आती है हंसी जब दर्द हो जवां

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

दिल है तो दर्द भी होगा।
दिल नही है तो दर्द क्या होगा।

सुन्दर प्रस्तुति।
बधाई!

mehek said...

sahi har dard bayan karne ka andaz jda hai bahut khub

ARUNA said...

bilkul sahi kaha Babli....har koi dard ko khulke bayaan nahin kar sakta....!

Prem Farrukhabadi said...

कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !

bahut hi sundar!!!

Murari Pareek said...

वाह अति सुन्दर बबली जी, कुछ लोग आसुओ में दर्द को बहा देते हैं, किसी का दर्द हंसी में छुपा होता है | सचमुच ऐसी ही है दुनिया |

Hobo ........ ........ ........ said...

woh dard hi kya jo rula na sake,
woh khushi hi kya jo hasa na sake

Saiyed Faiz Hasnain said...

हर दिल में दर्द छुपा होता है
पर बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,
bahut achhi baat likhi hai aap ne .....likhti rahiye ..

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

jaanta hoon main, rabb mubahhat se kahan juda hota hai...
jab bhi tera likha kuch padhta hoon, tere lafzon mein numaaya khuda hota hai...

bahut acha babli ji....
keep rolling!

kavita said...

BAHUT KHUB....its becoming a habit now to start my day with your poems.

Dhiraj Shah said...

कितने दर्द है सीने मे
जो बयाँ नही होते है

Pradip Biswas said...

Hansi Hansi parbo mala
Dukh diye jao
habena dekha
Amar ashru bheja
dopati phuler mon neoa.

SUNIL KUMAR SONU said...

jab dil sel mile to
badan se badan ka milna kya.
hen abhi rangin javan sapne
ab fulon ka bagon me khilna kya.

शोभना चौरे said...

bhut sttek bat khi hai.
bdhai

AlbelaKhatri.com said...

umda
bahut khoob
dard par ye mizaz aur ye andaz achha laga
badhaai !

दिगम्बर नासवा said...

वाह कितनी गहरी, सत्य बात लिख दी है आज............. दर्द तो हर किसी में होता है

Aparna said...

Babli, you are getting better with every post.
A lot of people have difficulty expressing their pain. Very true and simply put. Keep writing such stuff.

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सटीक लिखा. शुभकामनाएं.

रामराम.

ओम आर्य said...

BAHUT HI SAHAJATAA SE SCHCHAEE BAYAN KARI HAI AAPANE .......JO DIL SE HOKAR HI GUJARATI HAI .....BAHUT HI SUNDAR

VisH said...

wahhh dost.....tussi to jakhas ho......!!

Sumandebray said...

Bilkul sahi bayan kiya hai ...
har dard na aNsoo o mein bahane ke liye nahi hote
aur na hi
chupanne ke liye hote

Unseen Rajasthan said...

One of the best among all i have read in your blog !! This is true and very true..Great..Unseen Rajasthan

Dr.T.S. Daral said...

बहुत खूब बबली जी, अच्छा लिखा है.

मोहिन्दर कुमार said...

सुन्दर भाव भरा शेर है

गैर को अपना बनाने में समय लगता है
प्यार का फ़र्ज निभाने में समय लगता है
बहुत सहल है सपनों में खो कर सो जाना
मगर आंख तक नींद के आने में समय लगता है

Dr. shyam gupta said...

दर्द तो दिल में है पर,मीठी सी है तासीर भी,
इस दर्दे-दिल की दास्तां का क्या बयां गाये कोई।

महामंत्री - तस्लीम said...

Bahut khoob likha hai aapne.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

M Verma said...

दर्द बया करने मे आपकी कलम धारदार है. थोडे शब्दो मे ज्यादा कहना
वाह

Mumukshh Ki Rachanain said...

कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !
मेरा नाम जोकर में राज कपूर जी ने शायद यह किरदार बखूबी निभाया
सच ही कहा है, पर मनुष्य- मनुष्य मे सिर्फ यही गुण जुदा नहीं होता है, बल्कि और भी गुण मनुष्य - मनुष्य में जुदा होते है, "बैच फ्लावर चिकत्सा" में इसका विस्तृत वर्णन पढने को मिल सकता है.
मगरमच्छी आंसुओं का जिक्र नहीं जिसने सच के आंसुओं पर से भी विश्वास उठा रखा है.
अपने दर्द को हंसीं में छिपा रखने वाले व्यक्ति सबसे जीवंत होते हैं, शायद उनका विश्वास जियो और जीने दो में ज्यादा होता है.

कुल मिला कर सुन्दर प्रस्तुति.
बधाई.

R.Ramakrishnan said...

Babliji
I am amazed at the consistent regularity which you keep composing these wonderful & meaningful shayaris. Ye to kamal ki baat hai !
Regards
Ram

महफूज़ अली said...

हर दिल में दर्द छुपा होता है
पर बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,
कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !

waaqai mein har dil mein koi na koi dard zaroor chupa hota hai.....

bahut hi khoobsoorat rachna.......

do keep it up......


regards

रंजन said...

बहुत खुब..

Udan Tashtari said...

कम शब्दों में पूरा फलसफा है सुख दुख का. बहुत उम्दा!!

abdul hai said...

हर दिल में दर्द छुपा होता है
पर बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,

I like it

Onkar said...

Gagar mein sagar.

surjit said...

Very very true:
..'कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !..
Thanks for sharing another nice poem.

सुशीला पुरी said...

nice.........

नीरज कुमार said...

बहुत खूब, उर्मी जी,

बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,

अंदाजे-ए-बयां,अंदाजे-ए-बयां...

Imagination said...

Amazing..!

Har kisi ka andaze bayaan juda hota hai! Bahut khoob...

ज्योति सिंह said...

chaand dooj ka tha ya id ka jo mere blog pe nikal aaya ,magar jo bhi tha chaand to chaand hai ,jab bhi dekho gungunata nagma hai ,ek khoob surat lamha hai .aap aaye bahar aai ,aapki rachana taarife qabil hai hi kyoki ise padhte hi nahi hai kewal mahsoos bhi karate hai...

vishnu-luvingheart said...

satya kaha...
dhanyavad aap mere blog pe aaye aur sarahna ki...

अमिताभ श्रीवास्तव said...

हंसी मे छुपे दर्द मे ज्यादा मज़ा है.
आंसू से होकर निकल जाये उसमे दम नहीं।
अच्छी रचना।

raj said...

sahi kaha hai...aansu or muskan dono interntional language hai....boht achha likha apne...

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

हर दिल में दर्द छुपा होता है
पर बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,
कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !
वाह-वाह...
गम़ में खुशी में एक सा रहना,जैसे एक सी रहती है;
सुख-दुख दोनों में बजती है, शहनाई-शहनाई है।

Science Bloggers Association said...

शानदार मुक्‍तक।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

शरद कोकास said...

उर्मी जी आपको तो गजब के कमेंट मिलते हैं खैर नज़्म अच्छी हो तो कमेंट मिलेंगे ही .. मेरी शुभकामना

sangeeta said...

hi babli...
first time here..
aap bahut acchhi kavita likhti hain...aur mujhe sabhi paintings bhi bahut pasand aayi...rush ke blog se aapka comment follow kiya aapki paintings dekhne ke liye...sabhi acchha laga.

aR said...

Though I don't know 'Hindi', but found your blog interesting. Thanks for the interesting images.


aR
Bangla Hacks

Sakshi said...

Lovely words and I think I come under the second category of people you have wrote. Thanks for dropping by my blog and let me check out your other posts and blogs now..

jamos jhalla said...

Hansi to aati jaati hai ,hansi to khokli bhee hoti hai MAGAR dard to sthaai [permanent]hota hai.DARD ka arth hai DIL mai AA RUK jaa DARD
ANGREZI-VICHAR.BLOGSPOT.COM
JHALLI-KALAM-SE
JHALLEVICHAR.BLOGSPOT.COM

मोहन वशिष्‍ठ said...

हर दिल में दर्द छुपा होता है
पर बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,
कुछ लोग आंसुओं में दर्द को बहा देते हैं,
और किसी का दर्द हँसी में छुपा होता है !

वाह उर्मी जी बहुत ही खूब माफ करना काफी दिनों बाद आना हो पाया है बहुत खूब

Harsh said...

babli ji gagar me sagar rahti hai aapki shayariya...........padvane ke liye shukria...

आलोक सिंह said...

बहुत सुंदर

जब दर्द नही था सीने मे, तो क्या खाक मज़ा था जीने मे,

Suman said...

good