Wednesday, July 29, 2009


जब पास हो, तब खास हो,
जब दूर हो, एहसास हो,
अनकही सी कोई आस हो,
जो मिटे, वो प्यास हो,
अब और मैं कैसे कहूँ,
आप दिल के कितने पास हो !

60 comments:

श्यामल सुमन said...

अनकही सी कोई आस हो,
जो न मिटे, वो प्यास हो,

अच्छे भाव की पंक्तियाँ बबली जी।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

खास हो आम हो, सुबह हो शाम हो।
उनके लब पे अगर, प्यार का नाम हो।
प्यास बुझ जायेगी,खुद-ब-खुद एक दिन,
प्राणधन के अगर, हाथ में जाम हो।

डॉ. मनोज मिश्र said...

अब और मैं कैसे कहूँ,
आप दिल के कितने पास हो !
बहुत खूब ,आकर्षक रचना.

yuva said...

Bahut achchhi aur bhavpurn rachna

Dhiraj Shah said...

खुबसुरत रचना।

Murari Pareek said...

बहुत लाजवाब रचना है !! और आपके चित्रों का तो कोई जवाब नहीं !! দারুন গো !! ছবি টা এতো দারুন কি দেখলে কিছি কিছু হই !! হা..হা..হা..

kavita said...

Every word you write is soaked with love .....very beautiful.

Hobo ........ ........ ........ said...

jo labzo se bayan ho mohabbat nahi hoti
mohabbat khamoshi ki jubaan hoti hai

ARUNA said...

arey is chitr ka koi jawaab nahin, bahut sundar!!!!!! Shayari ke baare mein to kehne ki zaroorat hi nahin hai!!

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

babli ji...
aap in rachnaaon ki saans ho...

amazingly written...

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर रचना.

रामराम.

चंदन कुमार झा said...

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुती.

गुलमोहर का फूल

ओम आर्य said...

अब और मैं कैसे कहूँ,
आप दिल के कितने पास हो !
aisa hi hai ki kabhi kabhi koi itaana khas ho jata hai ki dil pas hi hota chahe kitana bhi door ho chahe is janm se pare ho fir bhi wah hamesha apane aas paas hi najar aata hai ......is sundar rachana keliye badhaaee

sujata said...

very beautiful!! lovely thoughts and so well expressed

abdul hai said...

fabulous great going

Saiyed Faiz Hasnain said...

अब और मैं कैसे कहूँ,
आप दिल के कितने पास हो !

wah babli likhte jaao ......
kya baat kahi hai wah .......

मस्तानों का महक़मा said...

नज़रें खाली थी तुमसे पहले,
प्यास बाक़ी थी तुमसे पहले,
तुम मिली तो लगा बहुत कुछ बाक़ी था तुमसे पहले।
काश मैं होता अकेला अगर तुमसे पहले,
न प्यार होता मुझे किसी से तुमसे पहले।


तुम्हें पढ़ता हूं तो मुझे अपने आपको टटोलने का मोका मिलता है। तो ये है कुछ मेरी तरफ से आपके reply में।

M VERMA said...

जब पास हो, तब खास हो,
जब दूर हो, एहसास हो,
वाकई जब दूरी बढती है तभी एहसास की धरातल पर कमी खलती है.
बहुत सुन्दर भाव
पेंटिंग के तो क्या कहने !!!
वाह

Pradip Biswas said...

Tobu aashe Swapno,
Lajjahin hoye.
Smirti muchhe phelo
Cheye chhille.
Kintu trishna daklo
Abar tumi Kachhe ele.

Sumandebray said...

very nice composition ...Kya baat hai!Bahut khub


actually ....
jab door ho tab na hote hue bhi pass ho

महामंत्री - तस्लीम said...

Dil se nikli rachna.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Imagination said...

Bas aap hi aap ho
Bas aap hi aap!

Kyaa baat hai bahut khoob...!

Dimps said...

Hello :-)

Beautiful picture and marvellous words!
Nothing else left to say...
Amazing work done, like always!

Regards,
Dimple
http://poemshub.blogspot.com

SOM DUTT JOSHI said...

Bahut badiya.

समयचक्र : महेन्द्र मिश्र said...

आकर्षक लाजवाब रचना.

युवा said...

Woh...Its nice composition...khubsurat abhivyakti.

"युवा" ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

iske aage koi SHABD nahin.
BADHAAAIII

Dr.Aditya Kumar said...

लिखी चाँद लाइनें ,क्या गज़ब की बात की,
दिल को छू लेने वाली है ,शायरी आपकी .

विनोद कुमार पांडेय said...

pahali baar aap ke blog par aaya bahut achcha laga aapne bahut kam shabdon me bahut sundar bhav bhar diya..achchi nazm...

आनन्द वर्धन ओझा said...

बबलीजी,
आपकी बधाई का शुक्रिया ! यह शब्द-चित्र उस वक़्त का है जब ८६ वर्षीय मेरे पिताजी पहली और अंतिम बार बीमार पड़े थे 'विदा-जगत' कहने के लिए. मेरी तत्कालीन मनोव्यथा आप तक पहुंची और आपने उसे चिन्हित किया आभारी हूँ !

Gagan Sharma, Kuchh Alag sa said...

बबलीजी आपका स्वागत है।
मैं तो अक्सर आपकी पोस्ट देखता रहता हूं। हां उपस्थिति दर्शाने में गफलत हो जाती है। ध्यान रखुंगा।

anil said...

बहुत सुंदर रचना . चार पंक्तियों में ही बहुत कुछ कह दिया आपने

BK Chowla said...

Babli,very short and sweet.

मुकेश कुमार तिवारी said...

उर्मी जी,

वाकई दिल खोल के रख दिया कि कोई कितने पास हो सकता है।

सादर,

मुकेश कुमार तिवारी

VisH said...

waise aap or aapki shayri hamesha meri favrate rahi hai....likhte rahen or mere blog par aise hi aate rahen....swagat hai....

jai ho mangalmay ho

Pankaj Mishra said...

अब और मैं कैसे कहूँ,
आप दिल के कितने पास हो !
बहुत खूब ,आकर्षक रचना.

Nirmla Kapila said...

अनकही सी कोई आस हो,
जो न मिटे, वो प्यास हो,
बबली जी आज तो कमाल कर दिया क्या लाजवाब बात कही बधाई

रवि धवन said...

सच में आप बेमिसाल हो...खुबसूरत लिखा है आपने.

Rane (The Orchid with All Shades Pink) said...

ati sundar.. bilkul dil ko choo gayi ye panktiyaan..

अर्कजेश said...

बहुत ख़ूबसूरत ब्लॉग है और उतनी ही ख़ूबसूरत रचनाएँ |

दिगम्बर नासवा said...

अनकही सी कोई आस हो,
जो न मिटे, वो प्यास हो,

गहरे एहसास में डूबे शब्द............ लाजवाब लिखा है

cartoonist anurag said...

माफ़ कीजिये बबली जी.......कुछ जरूरी कमों के कारण
आ नहीं सका.... अब बराबर संपर्क मैं बना रहूँगा...
आपकी इस शानदार रचना के लिए बधाई...........

shilpa said...

I THINK THIS SHYARI GOES TO ME AS I WILL BE LEAVING MY BELOVED FOR SOME DAYS TO MY HOMECOUNTRY I MISS HIM

Unseen Rajasthan said...

This one is lovely !! Reality in words..THanks for sharing..Unseen Rajasthan

Surya said...

बबली जी, मेरे ब्लॉग पर आकर आपने जो मेरा मान बढाया है उसके लिए धन्यवाद. उस पर अपने ब्लॉग पर आपने मुझे आमंत्रित किया उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. आपके ब्लॉग के बारे में जो मैं कमेन्ट करना चाहता था वो तो पहले ही अरुणा जी ने लिखा हुआ है. अब मैं क्या कहूँ. सिर्फ इतना की मैं लेखन का चोर नहीं हूँ. लेकिन आपने अपने ब्लॉग पर जो कुछ भी लिखा है और जो फोटो लगे है उन्हें देख लगता है की कौन सी कविता और कौन सी फोटो की कॉपी करू. फिलहाल मैं भी अब तो आपके ब्लॉग का फ्लोवेर बन गया हूँ. जब दिल चाहेगा देखता रहूँगा. बधाई

amarjeet kaunke said...

आप ने अपने शेयरों के साथ जो तस्वीरें दी हैं....वो बहुत ही खूबसूरत हैं...आपके चयन की दाद देनी पड़ेगी....

muskan said...

है बहुत रचना लाजवाब ...

Dr. shyam gupta said...

भला हुआ कब आदि-अन्त इन,
प्रणय मिलन के अनुनादों का।

Prabhat01 said...

Really, heart touching lines. I m appreciating u for this unique poem. [ Prabhat ]

jamos jhalla said...

babli fir pass ho gai.

नीरज कुमार said...

जब पास हो, तब खास हो,
जब दूर हो, एहसास हो,

बहुत सुन्दर बात कही आपने...

महफूज़ अली said...

OMG! dil ko chhoo gayi........

अनकही सी कोई आस हो,
जो न मिटे, वो प्यास हो,

ati sundar......

badhai......

Mumukshh Ki Rachanain said...

लाजवाब शेर, स्वयं में एक तारीफ है, फिर तारीफ करने को और कुछ बचता ही नहीं, वैस भी मेरे से पहले बहुतों ने विभिन्न आयामों में तारीफों का समां पहले से बांध रखा है, यदि मैं कुछ भी कहूं तो शायद किसी न किसी के कमेन्ट की नक़ल ही होगी.
अतः, शुक्रिया कर ही रुखसत होने की तमन्ना है. शेष फिर कभी..............

Dr.T.S. Daral said...

इतनी खूबसूरत रचना का रचनाकार तो वही हो सकता है जिसके दिल में प्यार अपार हो.
बहुत बढ़िया बबली जी.

श्रद्धा जैन said...

bahut sunder

Dev Vyas said...

Sudar rachnaa...
Sadhuwad..

- Devesh

गंगू तेली said...

Babli ji,
aap jo chitra istemaal kar rahi hai ve to beshaq laajawab hai. Unhe sajane wale alfaj bhi kamaal ke hai.
Meri teleey shubhkamnaye..

manu said...

sunder chitr ke saath saath
...
likhaa bhi achchhaa hai ji aapne...
badhaaye ho..

R.Ramakrishnan said...

Babliji
Bahut hi sundar hai. You can very very write lyrics for Bollywood songs!Beautiful painting too.
Ram

aleem azmi said...

poem ko apki paintings ne jaise jaan phoonk di bahut umdaa
God bless u
aleem azmi