Friday, August 14, 2009


मुरली मनोहर, ब्रिज के धरोहर, वो नंदलाला गोपाला,
बंसी की धुन पर सबके दुःख हरनेवाले ,
कृष्ण जिनका नाम, गोकुल जिनका धाम,
ऐसे श्री कृष्ण भगवान को,
हम सबका प्रणाम !

28 comments:

भूतनाथ said...

..................अक्सर सुनता रहता हूँ.....दिल-ही-दिल में बुनता रहता हूँ.....बाट निहारे घनश्याम....नैना नीर भरे.....ध्यान करे दिन-रैन नैना नीर भरे.....!!

ओम आर्य said...

waah waah waah bahut hi sundar .......kya baat hai .....shabd nahi hai......

makrand said...

your blog compostion is great...
makrand

vikram7 said...

स्‍वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

hem pandey said...

जय श्री कृष्ण !

सैयद | Syed said...

Nice

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

pranaam ji pranaam....
ati uttam...
happy independence day...

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर कृष्ण वंदना.

स्वतंत्रता दिवस की घणी रामराम.

अजय कुमार झा said...

बहुत सुन्दर बबली जी....कृष्ण जी को समर्पित क्या खूब लिखा ..मुझे लगता है पंक्ति नंबर दो में शायद आप दुःख हरने वाले की जगह दुःख हारने वाला लिख गयी हैं..या मैं गलत हूँ ..जो भी हो ..मुझे अच्छा लगता है ..हमेशा आपको पढना ..जन्माष्टमी और स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामना आपको भी

aleem said...

bahut sunder ....likhte rahiye

jamos jhalla said...

pranaam pranaam baarambaar pranaam

sujata said...

Happy Janmashtami and happy Independence day to you. Love the poem and the cursor!!

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

श्री कृष्ण भगवान को हम सबका प्रणाम!
जय श्री कृष्ण !

M VERMA said...

Nice post again.

चंदन कुमार झा said...

bahut sundar

BK Chowla said...

Very very nice.My best compliments

Mithilesh dubey said...

बहुत सुंदर

स्‍वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

Pankaj Mishra said...

Vey niice
स्‍वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत ही सुन्दर.अत्यन्त रोचक.

जन्माष्टमी और स्वतन्त्रता-दिवस की
बहुत बहुत-बधाई।

विनय ‘नज़र’ said...

jay shree krishna!

नीरज कुमार said...

बबली जी
बहुत ही निराला अंदाज है मुरली मनोहर को याद करने का...
आपकी जिंदगी के सारे अरमान पुरे हों उनकी कृपा से...

ज्योति सिंह said...

bahut sundar kanhiya ka varnan .hare rama hare krishna .

Dr. shyam gupta said...

तेरे कितने रूप गोपाल ।
सुमिरन करके कान्हा में तो हो गया आज निहाल।
नाग-नथेया नाच-नचैया, नटवर, नंद गुपाल ।
मोहन मधुसूदन मुरली धर,मोर-मुकुट यदुपाल।
चीर हरैया, रास रचैया,रसानंद , रस पाल ।
क्रष्ण- कन्हैया,क्रष्ण- मुरारी,केशव न्रत्य-गोपाल।
वासुदेव,ह्रषीकेशः,जनार्दन,हरि,गिरधर गोपाल।
जगन्नाथ,श्रीनाथ,द्वारिकानाथ,जगतप्रतिपाल। देवकीसुत,रणछोड्जी,गोविन्द,अच्युत,जसुमति-लाल।
वर्णन क्षमता कहां श्याम की,राधानंद,नन्द्लाल ।
माखन चोर,श्याम योगेश्वर,अब काटो भवजाल ॥
तेरे कितने रूप गोपाल ॥

रचना गौड़ ’भारती’ said...

आज़ादी की 62वीं सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं। इस सुअवसर पर मेरे ब्लोग की प्रथम वर्षगांठ है। आप लोगों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए मैं आपकी आभारी हूं। प्रथम वर्षगांठ पर मेरे ब्लोग पर पधार मुझे कृतार्थ करें। शुभ कामनाओं के साथ-
रचना गौड़ ‘भारती’

दिगम्बर नासवा said...

jai shri krishna........sundar varnan hai prabhu krishn ka.... ati sundar...

हितेंद्र कुमार गुप्ता said...

Bahut Barhia...Happy Janmashtmi & Independent Day.... isi tarah likhte rahiye


http://hellomithilaa.blogspot.com
Mithilak Gap ...Maithili Me

http://mastgaane.blogspot.com
Manpasand Gaane

http://muskuraahat.blogspot.com
Aapke Bheje Photo

RAJNISH PARIHAR said...

janmashtmi par behad achhi rachna...dhanyavaad!!!

BrijmohanShrivastava said...

एक अच्छी प्रार्थना