Thursday, November 26, 2009


मासूमों की जानें गई थी आज ही के दिन,
उस हादसे को याद करके भयभीत होती हूँ प्रतिदिन,
आओ मिलकर करें हम सब अपने देश की हिफाज़त,
खात्मा कर दें उन सारे आतंकवादियों की हिम्मत !

37 comments:

Unseen Rajasthan said...

Bahut hi sundar aur bhavnatmak racha hai !! Naman un bahadur veero ka jinhone desh ke liye pran tyag diye !! Apki yeh kavita atyanta utkrasht hai !!Badhai

http://bhartimayank.blogspot.com said...

बहुत बढ़िया।
ऐसी हिम्मत यदि हमारे देश के नागरिकों की है तो मुझे विश्वास है कि मेरे देश स्वतन्त्रता को कोई खतरा हो ही नही सकता।
सभी शहीदों को
अपनी श्रद्धाञ्जलि समर्पित करता हूँ!

महफूज़ अली said...

बहुत सुंदर..... शहीदों को नमन ..... और श्रद्धा सुमन....

अजय कुमार said...

यही जज्बा ,यही हौसला और यही आत्मविश्वास जरूरत है आज की

श्यामल सुमन said...

जरूरत है ऐसे ही जज्बातों को जीवित रखने की। वाह।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

M VERMA said...

वाकई मासूमो को मारने वालो की हिम्मत पस्त होनी ही चाहिये
श्रद्धांजलि

Mithilesh dubey said...

बिल्कुल सही कहा आपने , बस आप जैसे जज्बातों की जरुरत है । बहुत ही बढिया रचना ।

vinay said...

कविता की चन्द पंक्तियओं ने एक जुनून एक जज्वा जगा दिया ।

अलीम आज़मी said...

bahut sunder aur bahvnatmak rachna hai .....sat sat naman un shaheedo ko jo desh ke liye qurbaani de di
bahut khoob...badhai aisa sher likhne ke liye

मनोज कुमार said...

बहुत अच्छी रचना। शहीदों को श्रद्धा सुमन।

Udan Tashtari said...

शहीदों को नमन!! यही जज्बा चाहिये.

अबयज़ ख़ान said...

देश के अमर शहीदों को मेरा भी सलाम.. जयहिंद.. सलाम मुंबई... बेहतरीन है आपका जज़्बा..

रश्मि प्रभा... said...

शहीदों को श्रधान्जली

महेन्द्र मिश्र said...

शहीदों को नमन और श्रद्धा सुमन....

विनोद कुमार पांडेय said...

हमें देश का नागरिक होने का कर्तव्य निभाना होगा.. आतंकवाद से लड़ने का एक संकल्प लेना होगा...

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

सुंदर संदेश। वैसे उसे हिम्मत की जगह दुस्साहस कहा जाए तो अधिक उचित होगा।

Sumandebray said...

bahut acha soch aur utna hi badiya rachna ubhar ke aya hai

राज भाटिय़ा said...

बहूत अच्छी रचना, सभी शहीदो को श्रद्धांजलि

Apanatva said...

sahee samay sahee baat. bahut hee sunder bhavanae aur sath hee majboot sankalp . mazaa aagaya padker.
badhai .

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

isi himmat ki jarurat hai babli ji....
bahut he sundar kalpna...

Murari Pareek said...

marmik prastuti !!!

वन्दना said...

sundar bhav

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

उन शहीदों को नमन।

Nirmla Kapila said...

बडिया लिखा हम भी आपके साथ हैं शुभकामनायें

ताऊ रामपुरिया said...

शहीदों को नमन.

रामराम.

सुलभ सतरंगी said...

शहीदों को नमन है!

क्षमादान अब त्यागो.

BrijmohanShrivastava said...

इसी प्रकार के चिन्तन की बहुत आवशयकता है

BK Chowla said...

Have learnt any lesson from26/11?

हरिओम दास अरुण said...

बबली जी,
आपकी रचना में झलकती है उन बेगुनाहों के रक्त रंजित लाशें जिस पर सफ़र करके आतंकी फल फुल रहे हैं. लेकिन शुरुआत की अंत होती है. भारत ऐसे नापाक आतंकी को एक दिन जरुर जवाब देगी. आतंकवादियों की बन्दुक से निकली गोली से पूरा हिन्दुस्तान सहम गया था . उसकी वर्षगांठ पर आपकी रचना ने वो खौफनाक मंजर नज़र के सामने ला दिया. ऐसी दिल छू लेने वाली रचना लिखते रहें. दुआ है हमारी. आभार .

sidheshwer said...

बहुत बढ़िया!
ये बढ़िया चित्र कहाँ से लाती हैं आप?

CSK said...

इस बहुत ही उम्दा शेर के लिए ढेर सारी बधाइयां और अपनी और से ये छोटा सा गुलशन आप सभी देशवासियों और उन शहीदों के नाम----

मंज़र नहीं तबाही का अब फिर से मुह बाएगा..
हैवानों पे इंसानों का फतह नज़र आएगा....

उन वीरों की कुर्बानी को हर लम्हा याद रखेगा..
अब खूं कितना भी बह जाये यह ज़ज्बा नहीं थमेगा..
---"चंपक''

Dr.Aditya Kumar said...

अत्यंत संक्षेप में आपने हर संवेदनशील देशवासी की भावनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया है,...सराहनीय अभिव्यक्ति

दिगम्बर नासवा said...

AAMEEN ......ISHVAR KARE HAMAARA DESH ITNA MAJBOOT HO KI AATAANKI SAR UTHAANE MEIN BHI 10 BAAR SOCHEN ...

JHAROKHA said...

सुन्दर अभिव्यक्ति---शहीदों की याद दिलाती रचना।
पूनम

R.Ramakrishnan said...

Babliji

Well written. I join you in praying homage to the martyrs of 26/11. Yes lets all join hands together to destroy the terrorists and make our country secure & peaceful.

Regards & Best Wishes
Ram

संजय भास्कर said...

बहूत अच्छी रचना, सभी शहीदो को श्रद्धांजलि

नवीन जोशी said...

Ham sab agar yah than lain to phir yah asambhav nahin. keep going.