Sunday, December 6, 2009


अंधेरे में रास्ता बनाना मुश्किल होता है,
तूफ़ान में दीपक जलाना मुश्किल होता है,
प्यार किसीसे भी कर लेना मुश्किल नहीं,
उसे आखरी साँस तक निभाना मुश्किल होता है !

40 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत खूब!!

सच कहा!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपने शेर के माध्यम से बहुत बढ़िया बात कही!

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

कामयाब काव्य!

श्याम सखा 'श्याम' said...

रास्ते अंधेरे में भी हैं बनाते दिल वाले
दीप तूफ़ां में जलाते हैं ये दिल वाले
प्यार करते हैं हमेशा दिले से ये तो
प्यार जो करते हैं तो निभाते हैं दिलवाले

राकेश खंडेलवाल said...

संयमित चाह का विस्तार नहीं होता है
दर्द से दर्द का श्रन्गार नहीं होता है
टुट जाये जो सम्य की आंधियों के साथ ही
बस छलावा है महज वो प्यार नहीं होता है

kavita said...

Beautiful and very true.

खुशदीप सहगल said...

द्विवेदी जी के कथन से पूरी तरह सहमत...

जय हिंद...

अजय कुमार झा said...

जख्म दिखा के तो सब जी लेते हैं ,
जख्म छुपा के मुस्कुराना मुश्किल होता है॥

सुना है कि दिल तोडने वाले चुपचाप निकलते हैं
शायद सीधे सीधे ये बताना मुश्किल होता है ॥

हमें तो आदत सी हो गई है , गम और अंधेरों की,
वो और होंगे जिनके लिए, ऐसे समय बिताना मुश्किल होता है

Mahfooz Ali said...

प्यार किसीसे भी कर लेना मुश्किल नहीं,
उसे आखरी साँस तक निभाना मुश्किल होता है !

yeh baat bilkul sahi kahi aapne...... main aisaa 300 baar kar chuka hoon..... aur har baar mushkil hi hui........

अजय कुमार said...

बहुत लोग नही निभा पाते ,सहमत हूं

José Ramón said...

A very interesting blog.

Greetings from creativity and imagination photos of Jose Ramon

Saiyed Faiz Hasnain said...

ekdam sahi baat kahi hai aap ne koi saath tabhi tak nibhaa hai jab tak ki uska ..............

psingh said...

बिलकुल सच कहा आपने
ढेरों आभार ..........

Anonymous said...

SWAGAT HAR SHAM ANDHERO KA
SWAGAT HAR SUBAH UJALON KA

निर्मला कपिला said...

वाह आज तो हम कायल हो गये आपकी शायरी के बधाई

दिगम्बर नासवा said...

सच कहा .......... प्यार को बस निभाना आसान नही होता ......... ग़ज़ब का शेर ..........

sujata said...

thats so tru Urmi!! so very well said

सुलभ सतरंगी said...

सच है

खूब कहा आपने !

Kusum Thakur said...

बहुत खूब कही है आपने, शुभकामनाएं !

डॉ टी एस दराल said...

सत्य वचन।

Umesh Agarwal said...

very true indeed..as always well written..:)

मनोज कुमार said...

बेहतरीन। बधाई।

अलीम आज़मी said...

bahut khoob urmi....picturization kafi achchi hai....

Rekhaa Prahalad said...

बहुत खूब!

AlbelaKhatri.com said...

bahut bahut bahut sundar !

bahut bahut bahut pyaari kavita.....

badhai !

शरद कोकास said...

यह तो बिलकुल सही बात है ..

ज्योति सिंह said...

tasvir ke saath jazbaat ko pesh karne ka ye anokha andaaz aapke blog par hi dekha hai ,babli ji bahut sundar likha hai ,badhai ho .

JHAROKHA said...

Behad sundar bhavon kee abhivyakti...
Poonam

tulsibhai said...

" bahut hi badhiya baat aur kum alfaz me kahena koi aapse sikhe ."

" badhai "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

Hobo ........ ........ ........ said...

Saanse hai jabtak pyar hai tab tak

sada said...

बहुत खूब कहा आपने, लाजवाब करती पंक्तियां ।

BK Chowla said...

Very sweet and impressive.

संजय भास्कर said...

Beautiful and very true.

REGARDS
SANJAY

विवेक Call me Vish !! said...

wahh wahh bahut khoob.....ye to such hai!!

Jai Ho Mangalmay Ho

विवेक Call me Vish !! said...

किसीकी याद सताए तो क्या करें,
किसीसे मिलने को दिल चाहे तो क्या करें,
कहते हैं सभी, होती है मुलाकात सपनों में,
पर नींद ही न आए तो क्या करें !

aapka ye her kuch had tak dil ko chho gya....badhai ho or mai isse aapne blog par pulish karna chahta hu...aagya hai....hai na !!

KAVITA RAWAT said...

Achhi prastuti lagi. or photo bhi bahut hi achhi lagi.....
Badhai

मस्तानों का महक़मा said...

सुंदर लिखा है...
पढकर अच्छा लगा ।

Sushanta Kar said...

ओच्चे लिक्खे . मुस्कलॊसे न डर कर साथ चलना ही तॊ प्यार है। जिस दिन आप इस पंक्तिया लिखे एक दुसरे प्यारके बरे मे याद आता है। इसिदिन हमारे देश्के दॊ सम्प्रदायॊकॊ प्यारके उपर बड़ा आघात किया गया था। अप २६ नभेम्बरकॊ लेकर लिखे. उस दिनकॊ लेकर लिखते तॊ और आच्चा लगता।

वन्दना said...

babli ji aapki aaj ki shayari to aaj tak ki sabse uttam shayari rahi.........chand shabdon men hi kitni gahri baat kah di..........kabil-e-tarif hai.

संजय भास्कर said...

बहुत सुंदर और उत्तम भाव लिए हुए.... खूबसूरत रचना......