Monday, March 22, 2010


मीठी मीठी यादों को पलकों में सजा लेना,
साथ गुज़रे हसीन पलों को दिल में बसा लेना,
जाने कब कहाँ फिर तुमसे मुलाकात हो,
प्यार भरी मुस्कुराहट से सपनों में बुला लेना !

36 comments:

kshama said...

Behad sundar rachana!

देवेश प्रताप said...

वाह !! जवाब नहीं .......

M VERMA said...

मीठी मीठी यादों को पलकों में सजा लेना,
साथ गुज़रे हसीन पलों को दिल में बसा लेना,
खूबसूरती से कही बात
खूबसूरती से चित्रित चित्र
सुन्दर

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बहुत बढ़िया. सुन्दर.

अजय कुमार झा said...

बस एक बार गले लगा लो हमदम ,
फ़िर चाहे जी भर के रुला लेना ॥
मेरा कत्ल कर डालो हक है तुम्हें , दुनिया पूछे तो खुद्कुशी बता देना।


हमेशा की तरह आपकी पंक्तियों से जोड दी हैं ....शुभकामनाएं

अजय कुमार झा

राज भाटिय़ा said...

क्या बात है जी

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

न जाने कब कहाँ फिर तुमसे मुलाकात हो,
प्यार भरे मुस्कुराहट से सपनों में बुला लेना...
ये हुई सकारात्मक शायरी...
वाह वाह वाह.....

संगीता पुरी said...

मीठी मीठी यादों को पलकों में सजा लेना,
साथ गुज़रे हसीन पलों को दिल में बसा लेना,
न जाने कब कहाँ फिर तुमसे मुलाकात हो,
प्यार भरे मुस्कुराहट से सपनों में बुला लेना !
वाह !!

dipayan said...

good one. congrats .

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया!

--

हिन्दी में विशिष्ट लेखन का आपका योगदान सराहनीय है. आपको साधुवाद!!

लेखन के साथ साथ प्रतिभा प्रोत्साहन हेतु टिप्पणी करना आपका कर्तव्य है एवं भाषा के प्रचार प्रसार हेतु अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. यह एक निवेदन मात्र है.

अनेक शुभकामनाएँ.

मनोज कुमार said...

वाह! वाह!! वाह!!!
बहुत अच्छी प्रस्तुति। सादर अभिवादन।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर

रामराम.

वन्दना said...

वाह वाह्………।बहुत सुन्दर भाव्।

BK Chowla, said...

Appreciate your poems.

रचना दीक्षित said...

बेहतरीन अभिव्यक्ति

sangeeta swarup said...

बहुत खूबसूरत....

arvind said...

मीठी मीठी यादों को पलकों में सजा लेना,
साथ गुज़रे हसीन पलों को दिल में बसा लेना,
न जाने कब कहाँ फिर तुमसे मुलाकात हो...वाह !!

RAJNISH PARIHAR said...

साथ बिताये कुछ पलों के सहारे ही जिंदगी गुजर लेना ही सच्चा प्यार है...बहुत अच्छी प्रस्तुति। सादर अभिवादन।

anil gupta said...

You are not only a good writer but also a good painter. Your selection of photos are superup.

manav vikash vigyan aur adytam said...

khoobsurat lajabaab

दिगम्बर नासवा said...

वाह ...... बहुत ही दिलकश ...

डॉ टी एस दराल said...

परफेक्ट उर्मी जी ।
सुन्दर लगी ये रचना ।

धीरज शाह said...

सपनो की अपनी अलग कहानी है जो यादों मे रहती है ...
सुन्दर

डॉ. मनोज मिश्र said...

वाह,बहुत खूब.

नीरज गोस्वामी said...

भाव विभोर कर दिया आपकी रचना ने बबली जी...वाह.
नीरज

रश्मि प्रभा... said...

gahre ehsaason ko bade khoobsurat andaaz me likha hai

kshama said...

Ramnavmiki anek shubhkamnayen!

अलीम आज़मी said...

behad sundar avam lajawaab rachna aapki ....badhai

JHAROKHA said...

न जाने कब कहाँ फिर तुमसे मुलाकात हो,
प्यार भरे मुस्कुराहट से सपनों में बुला लेना

bahut hi badhiya sher,khoobsurat.

SACCHAI said...

" sunder ..behad sunder "

---eksacchai { aawaz }

arvind said...

न जाने कब कहाँ फिर तुमसे मुलाकात हो,
प्यार भरे मुस्कुराहट से सपनों में बुला लेना...
वाह! वाह!! वाह!!!बहुत सुन्दर.

ज्योति सिंह said...

मीठी मीठी यादों को पलकों में सजा लेना,
साथ गुज़रे हसीन पलों को दिल में बसा लेना,
न जाने कब कहाँ फिर तुमसे मुलाकात हो,
प्यार भरे मुस्कुराहट से सपनों में बुला लेना !
sundar khyal

भूतनाथ said...

प्यार भरे मुस्कुराहट से सपनों में बुला लेना !
........मगर प्यार भरे के बजाय प्यार भरी कर दो तो कित्ता अच्छा लगेगा.....है ना....अब देखो
प्यार भरी मुस्कराहट से सपनों में बुला लेना.....
कोई कुछ भी करे तुमको,कुछ मत सोचना
तुम बस उनको कोई अच्छा सा सिला देना...!!
सिर्फ शक्लें है कई बाकि तो सबमें एक ही है
कोई भेद भाव करे तो उनको ये बता देना....!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

माफ करना नेट सही न होने के लिए देर से आया हूँ!

आपने बहुत खूबसूरत मुक्तक लिखा है!

Yatish said...

क्या खूब पिरोया है ज़ज्बातो को आपने

कभी अजनबी सी, कभी जानी पहचानी सी, जिंदगी रोज मिलती है क़तरा-क़तरा…
http://qatraqatra.yatishjain.com/

दीनदयाल शर्मा said...

वाह ! वाह ! क्या बात है. मजा आ गया...बहुत अच्छा...बहुत सुन्दर लिखा है...बधाई.
www.http://deendayalsharma.blogspot.com
www.http://kavitakosh.org