Tuesday, March 30, 2010


आपसे मुलाकात हो तो होती है हमें फ़िक्र,
हर वक़्त अपने आपसे करते हैं आपका ज़िक्र,
आप जैसा कोई दूजा होगा हमें नसीब,
आप दूर होकर भी सदा रहोगे हमारे करीब !

38 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी आह पर भी निकलती है वाह!
चाह से ही बनती हैं राह!
बढ़िया शायरी!

Shekhar kumawat said...

आप दूर होकर भी सदा रहोगे हमारे करीब


bahut sundar rachna

shekhar kumawat

kavyawani.blogspot.com/

P.S.Bhakuni ( Paanu ) said...

ek behtrin sayri ,bahut sunder,etc.etc.

यशवन्त मेहता "फ़कीरा" said...

सही कहा जिससे प्रेम हो जाये उसके जैसा दूसरा कोई नहीं दिखता

पर जब वो चला जाता हैं तो हर चेहरा उसके जैसा लगता हैं

वन्दना said...

sundar rachna.

Arvind Mishra said...

मिलते नहीं हैं आप जब तो होती है हमें फ़िक्र,
हर वक़्त खुद से किया करते हैं आपका हम ज़िक्र,

होगा न कोई दूजा हमें आप जैसा नसीब
दूर होके भी सदा रहेगें आप मेरे करीब

वाह बहुत उम्दा !

Hobo ........ ........ ........ said...

Nazro mein ho na ho phir bhi nazro mein ho...

kunwarji's said...

kya baat hai ji...

bahut khub

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

bahut he badhiyaa ji....

Dhiraj Shah said...

क्या शायरी कही है आपने वाह....

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

बहुत ही बढिया शायरी!

manav vikash vigyan aur adytam said...

aap kee sayariya to andar se jhakjhor detee hai usapar photo ke sath laajabaab

दिगम्बर नासवा said...

आप जैसा कोई दूजा न होगा हमें नसीब,
आप दूर होकर भी सदा रहोगे हमारे करीब

सच है .. कुछ लोग हमेशा दिलें रहते हैं .... अच्छा लिखा है बहुत ...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बहुत बढ़िया. यूं ही लिखती रहें

anil gupta said...

आप की रचना ने दिल छूलिया। बहुत ही शानदार लिखा आपने।

Amitraghat said...

सही लिखा आपने ....."

Dimps said...

Hello Babli ji,

Bahut hi sundar...
Shabdo ne dil ko chooh liya.

Regards,
Dimps

BK Chowla, said...

Superwriyings.

डॉ टी एस दराल said...

बहुत अच्छा लिखा है । बधाई।

sangeeta swarup said...

खूबसूरत एहसास....बधाई

M VERMA said...

दो शेरों मे से जिक्र किसका करूँ
एक तो पेंटिंग की शक्ल में है
दूसरा
आपसे मुलाकात न हो तो होती है हमें फ़िक्र,
हर वक़्त अपने आपसे करते हैं आपका ज़िक्र,
दोनों लाजवाब

श्याम कोरी 'उदय' said...

...बहुत सुन्दर!!

रचना दीक्षित said...

बहुत सीधी सरल भाषा. एक नारी मन व उसकी व्यथा.

राज भाटिय़ा said...

प्यार हो गया है आप को किसी से....:)

Sumandebray said...

आप जैसा कोई दूजा न होगा हमें नसीब,
आप दूर होकर भी सदा रहोगे हमारे करीब !


bahut badiya

संजय भास्कर said...

kya baat hai ji...

bahut khub

RAJNISH PARIHAR said...

किसी प्रिय के बिछुड़ने या दूर जाने पर ऐसा ही होता है...!अच्छी विरह रचना ..बढ़िया शायरी!

BrijmohanShrivastava said...

एक बहुत अच्छी रचना

Akanksha~आकांक्षा said...

अंतर्मन की सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति

arvind said...

आप जैसा कोई दूजा न होगा हमें नसीब,
आप दूर होकर भी सदा रहोगे हमारे करीब !

....vaah, vaaah....
ham jaisa duja ho sakta hai naseeb.
fir bhi ham rahenge aapke kareeb.

ज्योति सिंह said...

होगा न कोई दूजा हमें आप जैसा नसीब
दूर होके भी सदा रहेगें आप मेरे करीब
achcha likhti ho

आशीष/ ASHISH said...

Badhiya tukbandi!
Ab ye padhein:
Door hai is lamha tu,
Mujhse zaroor ae sanam!
Kya kahoon mere magar,
Tu kitna kareeb hai!

Soch kar tujhko nahin,
Sochta kisi aur ko!
Meri soch kehti hai ke,
Tu mera habeeb hai!

Jab se toone 'haan' kaha,
Mere izhaar-e-ishq par!
Tabhi se tu zindagi,
Tu hi mera naseeb hai!

Yakeen hai mujhpar agar,
Duniya ko tu de bata!
Teri ye khamoshi,
Meri sabse badi raqeeb hai!!!

Iske baare mein kya khyal hai???

A bachelor in Punjab

Unseen Rajasthan said...

Wah Kya Khub Kaha Hai !! Ati Sundar !!

tulsibhai said...

" bahut hi acchi bhawna ..bahut hi acchi sayari "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

kavita said...

Very beautifully romantic ...loved it.

Shekhar Suman said...

waah waah....
kya baat hai....

Akanksha~आकांक्षा said...

Bahut khub..lajwab !!

_________
"शब्द-शिखर" पर सुप्रीम कोर्ट में भी महिलाओं के लिए आरक्षण

Shri"helping nature" said...

nice............
really