Friday, April 2, 2010


अगर मंज़िल को है पाना,
हमेशा हौसला साथ रखना,
अगर प्यार को है पाना,
हमेशा एतबार साथ रखना !

49 comments:

Manoj Bharti said...

सुंदर पंक्तियाँ ...
प्यार और एतबार साथ-साथ चलते हैं ।

M VERMA said...

सुन्दर
हौसला रखना ही होगा वो भी एतबार के साथ्

डॉ टी एस दराल said...

अगर प्यार को है पाना,
हमेशा एतबार साथ रखना !

वाह जी , कमाल की बात कही है।

anil gupta said...

short and sweet. very nicely said.

jamos jhalla said...

बड़ी प्यारी है प्यार की परिभाषा

Arvind Mishra said...

एतबार है।

sangeeta swarup said...

बिना ऐतबार के प्यार कहाँ? सुन्दर अभिव्यक्ति

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपने बहुत ही प्रेरक मुक्तक लगाया है!
बहुत बढ़िया!

anjana said...

अगर मंज़िल को है पाना,
हमेशा हौसला साथ रखना,
अगर प्यार को है पाना,
हमेशा एतबार साथ रखना

बिल्कुल सही कहा आप ने ....

kshama said...

Babli...bahut sundar...harek baar nikhar aa raha hai!

Arshad Ali said...

अगर मंज़िल को है पाना,
हमेशा हौसला साथ रखना,
अगर प्यार को है पाना,
हमेशा एतबार साथ रखना !

अति सुन्दर ....सलाह सभी के लिए क्यों की मंजिल
और प्यार हम सभी की जरुरत है..
मंजिल---हौसला के बिना
प्यार ----एतबार के बिना हो हीं नहीं सकता .

अशोक मधुप said...

बहुत शानदार

राकेश कौशिक said...

बिलकुल सही हौसला और विश्वास अति आवश्यक हैं

Udan Tashtari said...

सही है जी!!

tulsibhai said...

" sunder "


----- eksacchai { AAWAZ}

Sanjeet Tripathi said...

bahut sundar

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

"अगर मंज़िल को है पाना,
हमेशा हौसला साथ रखना"

वाह्! बहुत सुन्दर बात कही....

श्याम कोरी 'उदय' said...

...बहुत सुन्दर,बधाई!!!

रश्मि प्रभा... said...

phir dekhna manzil khud kaise badhker paas aati hai

ताऊ रामपुरिया said...

सुंदर रचना.

रामराम.

sada said...

अगर प्यार को है पाना,
हमेशा एतबार साथ रखना !

बहुत ही सुन्‍दर अल्‍फाज, बेहतरीन प्रस्‍तुति लिये हुये ।

दिनेश शर्मा said...

सही कहा।

manav vikash vigyan aur adytam said...

bahoot hkoob chote me sab kah diya kuch characha me bhi likhe

Dimps said...

Babli ji,

Marvellous!
I can feel the depth in this one!

Regards,
Dimps

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

Aapki choti kavitayein achhi hain...
Sahaj bhasha mein achhi tarah se wyaqt kiye hain...!
Khas kar do line ...
अगर प्यार को है पाना,
हमेशा एतबार साथ रखना !

CS Devendra K Sharma said...

ekdam sahi salaah farmaai hai madam apne.......bahut bahut badhaai!!!!

Surendra said...

अद्भुत. कविता पर आपकी पकड़ के हम कायल हैं.

अजय कुमार झा said...

चलिए इसे फ़िर यूं कहते हैं

जो प्रेम ही हो मंजिल तो ,
हाथों में हाथ रखना ,
मैं पा लूंगा दोनों मेरे हमकदम,
बस मुझे तुम अपने साथ रखना ॥

शुभकामनाएं

अजय कुमार झा

मस्तानों का महक़मा said...

interesting word....soch ko shbdo me utarkar aap kisi ehsas ko kese bata sakte ho uska achcha vivran dikhta hai aapke shabdo me.

मस्तानों का महक़मा said...

dear babli ji ...
agar humse koi narazgi ho to please bata dijiyega ... hum to khud aapke comment ke muntzir rehte hai.

देवेश प्रताप said...

बहुत सुन्दर रचना ....प्रेणनास्रोत पंक्तिय .

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर भाव लिये है आप की यह कविता, धन्यवाद

वन्दना said...

bahut sundar ...........pyar aur aitbaar inhi do shabdon mein hi to sab kuch samaya hua hai.

Yatish said...

बहुत खूब !!!

कभी अजनबी सी, कभी जानी पहचानी सी, जिंदगी रोज मिलती है क़तरा-क़तरा…
http://qatraqatra.yatishjain.com/

kavisurendradube said...

छला वही जाएगा जो एतबार करेगा
एक जिन्दगी में कई बार मरेगा

सुमित प्रताप सिंह said...

badiya hai...

बेचैन आत्मा said...

सच्ची बात

दिगम्बर नासवा said...

वाह वाह क्या बात कह दी... एतबार रखना ..

Tripat "Prerna" said...

wah wah!
bahut geheri baat kahi :)

http://sparkledaroma.blogspot.com/
http://liberalflorence.blogspot.com/

रचना दीक्षित said...

आपकी हर बात को ध्यान में रखती जा रही हूँ कभी जरुरत पड़ने पर इस्तेमाल करके देखूंगी हा ..हा ...

Unseen Rajasthan said...

Beautiful Words !! Very nice !!Unseen Rajasthan

arvind said...

अगर प्यार को है पाना,
हमेशा एतबार साथ रखना .
....वाह,बड़ी प्यारी है.

Ravi Rajbhar said...

wah-wah kya bat kahi hai aapne.

manav vikash vigyan aur adytam said...

bahoot sundar

psingh said...

babli ji
pyar me etbar bahut jaruri hai

knkayastha said...

बहुत ही सुन्दर प्यारी सी रचना...

ज्योति सिंह said...

baat bilkul satya hai ,sundar hai

डॉ० डंडा लखनवी said...

मोहक प्रस्तुति.......धन्यवाद! सद्भावी-डॉ० डंडा लखनवी

स्वप्निल कुमार 'आतिश' said...

:)