Thursday, April 8, 2010


मुश्किल है किसीको समझ पाना,
समझे बिना किसीसे क्या दिल लगाना,
आसान है किसीको प्यार करना,
पर मुश्किल है किसीका प्यार पाना !

45 comments:

संजय भास्कर said...

किस खूबसूरती से लिखा है आपने। मुँह से वाह निकल गया पढते ही।

श्याम कोरी 'उदय' said...

...bahut sundar!!!

Arvind Mishra said...

सहज सरल सुन्दर

M VERMA said...

प्यार की ज्योति प्यार से ही जलती है
सुन्दर रचना

Amitraghat said...

सही और सुन्दर लिखा आपने........."

इस्मत ज़ैदी said...

आसान है किसीको प्यार करना,
पर मुश्किल है किसीका प्यार पाना !

सच्चाई बयान करती हुई सुंदर पंक्तियां

डॉ टी एस दराल said...

आसान है किसीको प्यार करना,
पर मुश्किल है किसीका प्यार पाना !

वाह , बिलकुल सही बात कही है , बबली जी ।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

वो प्यार प्यार नहीं है, जहाँ आप एक दुसरे को समझ न पाओ.....
सुन्दर रचना !

Shekhar kumawat said...

मुश्किल है किसीको समझ पाना,
समझे बिना किसीसे क्या दिल लगाना,
आसान है किसीको प्यार करना,
पर मुश्किल है किसीका प्यार पाना !


bahut khub

http://kavyawani.blogspot.com/
shekhar kumawat

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

वेरी नाइस!

मनोज कुमार said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति। सादर अभिवादन।

chitra said...

Pyar karna aasan , pyar pana muskil.. Beautiful lines Babli!!

Manoj Bharti said...

बहुत ही सुंदर चार लाइने हैं आपकी -

समझे बिना किसी से क्या दिल लगाना ...

वाकई ...बहुत सुंदर

RAJ SINH said...

पहली और आख़री दो लाईनों की त्रिवेणी से सहमत . दूसरी से नहीं .दिल लगाया नहीं जाता लग जाता है :) .


मेरे ब्लॉग .....मन ह्रदय पे नया कुछ है शायद समझ में आये .

अशोक मधुप said...

बहुत सुंदर रचना

tulsibhai said...

" behtarin ...bahut hi badhiya mishran raha alfazon ka ."

badhai

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सही कहा. शुभकामनाएं.

रामराम.

Dimps said...

Hello :)

पर मुश्किल है किसीका प्यार पाना !

Iss line ne mere mann mein ghar kar liya... bahut hi badiya :)

Regards,
Dimple
http://poemshub.blogspot.com

arvind said...

आसान है किसीको प्यार करना,
पर मुश्किल है किसीका प्यार पाना !
...सुन्दर,वाह

sangeeta swarup said...

बिलकुल सही बात..प्यार पाना ही मुश्किल होता है...अच्छी रचना

manav vikash vigyan aur adytam said...

bahoot khoobsurat

knkayastha said...

very much true...
but to love and to fall in love is never understandable or predictable...

रश्मि प्रभा... said...

waah

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

बेहद सहज एवं सरल प्रस्तुति!!

Unseen Rajasthan said...

Beautiful Words!! I am always amazed by the way you express the words so beautifully !!

वन्दना said...

babli ji
aaj to bahut hi saral shabdon mein badi hi gahri baat kah di.

डॉ. मनोज मिश्र said...

मुश्किल है किसीका प्यार पाना...
BAHUT SHEE.

Akanksha~आकांक्षा said...

सुन्दर भावाभिव्यक्ति...बेहतरीन प्रस्तुति..बधाई.

*********************
"शब्द-शिखर" के एक साथ दो शतक पूरे !!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

आपके ब्लाग का कोई गैजेट ब्राउजर को बन्द कर देता है, जिससे ब्लाग पढते पढ़ते बन्द हो जाता है, कृपया देखें.. आपकी चार पंक्तियां गागर में सागर समेटे होती हैं..

Dimpal Maheshwari said...

काबिले तारीफ़

दिगम्बर नासवा said...

क्या बात है ... ये सच है ... मुश्किल होता है किसी का प्यार पाना ....

anil gupta said...

क्यों की प्यार को निभाना बहुत ही है मुश्किल
प्यार समय समय पर इम्तिहान जो लेता है

JHAROKHA said...

आसान है किसीको प्यार करना,
पर मुश्किल है किसीका प्यार पाना ! खूबसूरत और लाजवाब पंक्तियां---।

Dimpal Maheshwari said...

सारी रचनाये आपकी बहुत ही अच्छी है|

Saiyed Faiz Hasnain said...

Beshak aasan hai kisi ko pyar karna par muskil hai kisi ka pya pana

रचना दीक्षित said...

प्यार की ज्योति प्यार से ही जलती है बहुत अच्छी प्रस्तुति।
सुन्दर रचना

Shekhar Suman said...

sachhi aur behtareen panktiyaan....
maza aaya padhkar....

सुमित प्रताप सिंह said...

aapne to mere man ki baat kah dali...

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

आसान है किसी को प्यार करना,
पर मुश्किल है किसी का प्यार पाना..

जीवन का कितना बड़ा सच कह दिया आपने.
बधाई.

neha said...

bahut khoob..

आशीष/ ASHISH said...

Samajh-samajh ke jo na samjhe,
Meri samajh mein wo nasamajh hai!
Sargarbhit aur sundar!

डाकिया बाबू said...

खूब रही ये तो...उम्दा !!

anjana said...

बिल्कुल सही कहा है आप ने ।
इस पर इक शेर अर्ज है....
जिन्दगी आँख से टपका हुआ बेरंग कतरा ।
तेरे दामन की पनाह पाता तो आँसू होता ।।

Suman said...

nice

शरद कोकास said...

कितने ही द्वन्द्व हैं इन चार पंक्तियों में ।