Friday, May 21, 2010


लम्हे ये सुहाने साथ हो हो,
कल में आज जैसी कोई बात हो हो,
आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा,
चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो हो !

43 comments:

M VERMA said...

आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा,
चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो !

मुलाकात प्यार का पैमाना तो नहीं है.
बहुत सुन्दर

विनोद कुमार पांडेय said...

प्रेम की एक बेहतरीन अभिव्यक्ति..लाज़वाब भाव...बधाई बबली जी

दिलीप said...

waah ye kahi dil ko choo jaane waali baat...bahut khoob

अशोक मधुप said...

शानदार मुक्तक,इसी से मिलता मुक्तक है

खुशी के बाद खुशी की तरफ नही देखा,

तुम्हारे बाद किसी की तरफ नही देखा।

मै जानता था तेरा इंतजार लाजिम है,

तमाम उम्र घड़ी की तरफ नही देखा।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

सुन्दर मुक्तक है!
बधाई!

शिवम् मिश्रा said...

उम्दा रचना के लिए बधाइयाँ बबली जी !!

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया! वाह!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

waah aur madhup saahab ki tippanni sone pe suhaga...

Deepak Shukla said...

Hi..

WAH KYA BAAT HAI..

YAHI PREM HAI..

DEEPAK..

Mahfooz ali said...

उम्दा रचना के लिए बधाइयाँ

'उदय' said...

चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो !
.... बहुत सुन्दर भाव .... प्रसंशनीय!!!

sanjukranti said...

manohari panktiya...46.5 digri din ke tapman tatha rat ki garm hwa ke thapedo ke bich shitalta ka ehsas.

Unseen Rajasthan said...

Very Beautiful Words !!Your words are always touching !!Great Post !!Congratulations.

SACCHAI said...

" behatarin .."

----- eksacchai{ AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

Arvind Mishra said...

यह है सत्यवान सावित्री प्रेम ! बहुत बढियां !

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

waah! kya baat hai ! behatreen!

डॉ टी एस दराल said...

बहुत सुन्दर ज़ज्बात पिरोये हैं ।
उत्तम ।

सुमित प्रताप सिंह said...

प्रेम से बढकर इस दुनिया में कोई भी प्यारा नहीं.

इस प्रेममयी रचना के लिए शुभकामनाएं...

Akanksha~आकांक्षा said...

प्रेम की खूबसूरत अभिव्यक्ति...बधाई.




________________________
'शब्द-शिखर' पर ब्लागिंग का 'जलजला'..जरा सोचिये !!

sheetal said...

wah! kya baat hain.

singhsdm said...

आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा,
चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो !
अच्छी रचना बहुत सुन्दर भावों को सुन्दर शब्दों में सहेजा है आपने.....!

राकेश कौशिक said...

"चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो !चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो!"
क्या बात है - अति प्रशंसनीय भाव - बधाई

Kumar Jaljala said...

दिल्ली के ब्लागर इंटरनेशनल मिलन समारोह में भाग लेने के लिए पहुंचने वाले सभी ब्लागर साथियों को कुमार जलजला का नमस्कार. मित्रों यह सम्मेलन हर हाल में यादगार रहे इस बात की कोशिश जरूर करिएगा। यह तभी संभव है जब आप सभी इस सम्मेलन में विनाशकारी ताकतों के खिलाफ लड़ने के लिए शपथ लें। जलजला भी आप सभी का शुभचिन्तक है और हिन्दी ब्लागिंग को तथाकथित मठाधीशों से मुक्त कराने के एकल प्रयास में जुटा हुआ है. पिछले दिनों एक प्रतियोगिता की बात मैंने सिर्फ इसलिए की थी ताकि लोगों का ध्यान दूसरी तरफ भी जा सकें. झगड़ों को खत्म करने के लिए मुझे यही जरूरी लगा. मेरे इस कृत्य से जिन्हे दुख पहुंचा हो उनसे मैं पहले ही क्षमायाचना कर चुका हूं. हां एक बात और बताना चाहता हूं कि थोड़े से खर्च में प्रतियोगिता के लिए आप सभी हामी भर देते तो भी आयोजन करके इस बात की खुशी होती कि चलो झगड़े खत्म हुए. मैं कल के ब्लागर सम्मेलन में हर हाल में मौजूद रहूंगा लेकिन यह मेरा दावा है कि कोई मुझे पहचान नहीं पाएगा.
आप सभी एक दूसरे का परिचय प्राप्त कर लेंगे फिर भी मेरा परिचय प्राप्त नहीं कर पाएंगे. यह तय है कि मैं मौजूद रहूंगा. आपकी सुविधा के लिए बताना चाहता हूं कि मैं लाल रंग की टी शर्ट पहनकर आऊंगा..( बाकी आप ताड़ते रहिएगा.. सब कुछ अभी बता दूंगा तो मजा किरकिरा हो जाएगा .बाकी अविनाशजी मुझे पहचानते हैं लेकिन मैंने उनसे निवेदन किया है कि जब तक सब न पहचान ले तब तक मेरी पहचान को सार्वजनिक मत करिएगा.
आप सभी को शुभकामनाएं. अग्रिम बधाई.

Dr.Ajeet said...

आप नियमित रुप से मेरे ब्लाग पर आकर मुझे पढती है यह मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात है उम्मीद करता हूं कि आपका पाठकीय स्नेह यूं ही मिलता रहेगा...।

डा.अजीत

सुलभ § सतरंगी said...

आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा,
चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो !
..सही कहा

sangeeta swarup said...

बहुत खूबसूरत अभिव्यक्ति.....मन की भावना है कोई साथ हो या ना हो....

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत खूबसूरत.

रामराम.

रचना दीक्षित said...

उम्दा रचना, सुन्दर मुक्तक, बधाई.

knkayastha said...

सुन्दर शब्द, खूबसूरत चित्र...

AlbelaKhatri.com said...

मरहबा !
मरहबा !

कितनी कोमलकांत अभिव्यक्ति..........वाह !

manav vikash vigyan aur adytam said...

bahoot khoob

नरेन्द्र व्यास said...

प्‍यार और समर्पण की बेहद ही खूबसूरत अभिव्‍यक्ति और गुदगुदाते अहसास । आभार ।।

Umesh Agarwal said...

bahut sundar :)

योगेन्द्र मौदगिल said...

अच्छी रचना.... साधुवाद...

BK Chowla, said...

Beautifully written post.
In fact I read the translated version.

Dimps said...

Babli ji,

Very nice.. Very touchy!

Mujhe wo geet yaad aa gaya...

"Lag ja gale ke fir yeh haseen raat ho na ho,
Shayad fir iss janam mein mulaaqat ho na ho"

Rgds,
Dimple

arvind said...

लम्हे ये सुहाने साथ हो न हो,
कल में आज जैसी कोई बात हो न हो,
आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा,
चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो न हो !.............प्रेम की एक बेहतरीन अभिव्यक्ति

KK Yadava said...

बड़ी सुन्दर अभिव्यक्ति..बधाई.

R.Ramakrishnan said...

Expressions of such beautiful & selfless love ! Bahut sundar !

Ram

Tripat "Prerna" said...

wah wah kya baat hia...m short of words :)


http://liberalflorence.blogspot.com/
http://sparkledaroma.blogspot.com/

dipayan said...

क्या खूब लिखा आपने । बधाई ।

माधव said...

nice
http://madhavrai.blogspot.com/

डा. हरदीप सँधू said...

Bahut khoob likha hai aap ne! Vah bhaee vah!

Hardeep