Monday, May 24, 2010


तेरी मोहब्बत मुझको महका जाती है,
तेरी हर बात मुझको बहका जाती है,
हर लम्हा सिर्फ़ तेरी याद जाती है,
तेरे इंतज़ार में पलकें नम हो जाती है !

37 comments:

M VERMA said...

यादें होती ही ऐसी है
सुन्दर
चित्र बहुत खूबसूरत

pankaj mishra said...

मात्र चार लाइनों में बहुत कुछ कहने का सार्थक प्रयास। आपको साधुवाद। अंतिम लाइन देखें, शायद पलकें नम को जाती हैं होना चाहिए।
http://udbhavna.blogspot.com/

राज भाटिय़ा said...

आप की रचना हम को महका जाती है...
बहुत सुंदर रचना.
धन्यवाद

दिलीप said...

waah bahut badhiya

sanjukranti said...

man rupi sagar ki gahraiyo se amulya moti ke saman nikle shabd.maan gye.

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया.

Arvind Mishra said...

इंतज़ार में तेरे पलके नम हो आती हैं

Suman said...

nice

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

विरह व्यथा पर रचा गया सुन्दर मुक्तक!

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

बहुत बढ़िया!

विनोद कुमार पांडेय said...

वियोग रस की बढ़िया अभिव्यक्ति...सुंदर रचना..बधाई बबली जी

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

सुन्दर, वियोग व्यथा वैसे भी मीठा होता है !

Deepak Shukla said...

Hi..

Last line main ,

teri yaad main palkon main nami aa jaati hai..

Ya

teri yaad main palken nam ho jaati hain..

Hona achha rahega.. Hai na?

Sundar shabd..

DEEPAK..

BK Chowla, said...

Each post is better than the other.

Dimps said...

Hello Babli ji,

Quite touchy & Very nice pic...!!
"Memories are always with us"

Regards,
Dimple

रचना दीक्षित said...

बहुत बढ़िया, बधाई बबली

शिवम् मिश्रा said...

बहुत बढ़िया!

कविता रावत said...

हर लम्हा सिर्फ़ तेरी याद आ जाती है,
तेरे इंतज़ार में पलकें नम हो जाती है !
...Bhavpurn rachna

Vinay Prajapati 'Nazar' said...

अनुपम

shubh said...

aapki rachna bahut sundar hai
kripya mera blog padhkar mujhe margdarshit kijiye ki mujhe apni kavitao me kya sudhar karna chahiye
:)
:P
www.meriankahibate.blogspot.com

AlbelaKhatri.com said...

wah ! waah ! waaaaaah !

anand aa gaya ........

RAJNISH PARIHAR said...

विरह व्यथा पर बहुत बढ़िया रचना.

sangeeta swarup said...

खूबसूरत एहसास...

महफूज़ अली said...

यादें होती ही ऐसी है
सुन्दर
चित्र बहुत खूबसूरत

डॉ टी एस दराल said...

बहुत भावपूर्ण पंक्तियाँ ।

Harsh said...

sundar. bahut khoob.........

राजेन्द्र मीणा said...

सुन्दर मुक्तक .....कम शब्दों में अच्छी बात कही

tulsibhai said...

kum alfaz aur jyada baat ...bahut hi badhiya prayog kiya hai aapne alfazoan ka ..yaadain ..hoti hi aisi hai ..jo palak nam kar jaati hai "

" khubsurat andaz"

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

अक्षिता (पाखी) said...

आप तो बहुत अच्छा लिखती हैं...

_________________
'पाखी की दुनिया' में 'सपने में आई परी' !!

sada said...

बहुत ही सुन्‍दर पंक्तियां ।

sheetal said...

kya kahe ab aapse. har baar ki tarah yehi kehna chahungi."wah!kya baat hain."

दिगम्बर नासवा said...

ये कम्बख़्त इंतज़ार .. ख़त्म क्यों नही होता ...
बेहतरीन लिखा है ...

singhsdm said...

तेरी मोहब्बत मुझको महका जाती है,
तेरी हर बात मुझको बहका जाती है,
हर लम्हा सिर्फ़ तेरी याद आ जाती है,
तेरे इंतज़ार में पलकें नम हो जाती है
चार पंक्तियाँ भी कम नहीं होती भावनाएं बयां करने के लिए........!

अरुणेश मिश्र said...

इंतजार कहाँ खतम होता है । इंतजार...........
अच्छी प्रस्तुति ।

anjana said...

अच्छी रचना और चित्र भी खूबसूरत...

Mustfa Mahir Pantnagari said...

acchi soch lekin is soch agar ek bahar(meter) mil jaye to baat aur nikhar sakti thi.

Gautam Sadhuram Priye said...

परदेस में बैठ इतनी खुबसूरत शायरी। सुभानअल्लाह .....आफरीन... आपको इतनी अच्छी रचनाएँ प्रेषित करने के लिए बधाइयाँ। भविष्य में और अच्छा लिखने के लिए शुभकामनायें... मैंने भी ब्लॉग कि दुनिया एक छोटा सा कदम रखा है...आपको आमंत्रित करता हूँ आइयेगा ...और अपने बहुमूल्य सुझाव दीजियेगा ...शुक्रिया