Monday, May 30, 2011


किसीकी यादों का छाया मुझपर खुमार है,
दिल कह रहा है यकीनन उसे भी प्यार है,
हाल--दिल कहती हूँ उसे हर शायरी में,
क्यूँ न समझ सके वो ये प्यार का इज़हार है?

46 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत प्यारा मुक्तक है!

डॉ टी एस दराल said...

इससे बेहतर इज़हार तो हो नहीं सकता ।

Kunwar Kusumesh said...

ग़ज़ब का इजहारे-मुहब्बत है.वाह वाह.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत खूब !

सादर

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

खूबसूरत अभिव्यक्ति !
एक न एक दिन तो समझ ही जाएगा !

महेन्द्र मिश्र said...

खूबसूरत मुक्तक...

Rakesh Kumar said...

आपकी शायरी तो, बबली जी बेमिशाल है
प्यार के इजहार का आपका अपना ही ख्याल है
यादों की खुमारी की दी आपने अच्छी सुर ताल है.
हम नहीं बता सकते कि अब हमारा क्या हालचाल है

थोड़ी सी तुकबंदी करने की कोशिश की है बबली जी.
आपकी खुमारी में ही कुछ खुमार हो गया बस.

Bhushan said...

किशोर वय में इस प्रकार के प्रेम की सघनता बहुत होती है. प्रतिप्रेम की आशा करना....और यह समझना कि 'मेरे बोले बिना भी मेरी भावनाओं का उसे टेलिपैथी से पता चल जाएगा....' बहुत निराशा पैदा करता है.
आपकी रचना अच्छी लगी.

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूब ..

BK Chowla, said...

As usual, beautiful lines.

सदा said...

वाह ...बहुत ही सुन्‍दर पंक्तियां ।

SACCHAI said...

bahut hi shandar wah !

read this post :

कौवा बिरयानी सरकार ..जन लोकपाल बिल लोचे में पड़ा
http://eksacchai.blogspot.com/2011/05/blog-post_31.html

संजय भास्कर said...

हाल-ए-दिल कहती हूँ उसे हर शायरी में,
क्यूँ न समझ सके वो ये प्यार का इज़हार है?
......सुन्‍दर पंक्तियां ।

संजय भास्कर said...

SUNDER AUR LAJWAAB LIKHA HAI AAPNE

kavita said...

Nice one ,liked it :)

Rajesh Kumari said...

bahut pyari khoobsurat ahsaas ko samete hue ye shayeri.bahut pasand aai.

वन्दना said...

वाह वाह …………बहुत सुन्दर इज़हार है।

Manpreet Kaur said...

बहुत ही उम्दा लिखा आपने !मेरे ब्लॉग पर जरुर आए ! आपका दिन शुब हो !
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Shayari Dil Se

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

waaah......gazab ka muktak.

राकेश कौशिक said...

जब ऐसा प्यार का इजहार है
तो वो भी कहेगा मुझे भी इकरार है

anju choudhary..(anu) said...

बहुत सुंदर और प्यार भरे भाव

राज भाटिय़ा said...

वाह वाह जी वाह वाह, क्या बात हे बहुत सुंदर

दिगम्बर नासवा said...

ग़ज़ब की नज़्म है ... प्यार समझ पाना आसान नही ...

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह said...

aapka blog aur rachna dono hi manohari hai/saath hi udantashtari par aapka comment bhi behad mahattvapoorn ban pada hai/meri badhai
sader,
dr.bhoopendra
rewa
mp

मनोज भारती said...

हाल-ए-दिल बहुत कहा उन्हें शायरी में
पर उन्हें यकीन कहां इज़हारे हकीकी में

बहुत सुंदर !!!

hem pandey said...

आपकी हर कविता में प्यार का खुमार है |

sheetal said...

lekar ke sabdo ka sahara,
chalte rahiye mohabbat ki raah pe.
samajh hi jaayenge ek din wo ki
aapko unse pyaar hain.
mayus na ho, e dil tu abhi,
bas kuch pal ka hi, ye intezaar hain.

abhi to barsaat ka mausam aane main kuch waqt baaki hain.
ek ke baad ek khubsurat shayri se aap hame bheego rahi hain.
achha lagta hain yu bheegna.

सहज साहित्य said...

'दिल कह रहा है यकीनन उसे भी प्यार है'
दिल जो कaह्ता है , वही सच होता है और उसका सन्देश ज़रूर पहुंचता है ।

chirag said...

good one
shandar

अनुपम अग्रवाल said...

कोशिश करके उसी तर्ज़ मेँ लिख रहा हूँ
:

कैसे समझेगा ये इंकार है कि इकरार है
जब यादोँ का उसपर भी खुमार है

हाले दिल बताना तो शायरी मेँ शुमार है
वो समझता है कि ये प्यार का इज़हार है

Sunil Kumar said...

हाल-ए-दिल बहुत कहा उन्हें शायरी में
पर उन्हें यकीन कहां इज़हारे हकीकी में

बहुत सुंदर !!!

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) said...

वाह !!! क्या मुक्तक है.

Coral said...

बहुत खूबसूरत ....

उर्मीजी इन दिनों से व्यस्त होने के कारण आपके ब्लॉग पर आ ना सकी उसके लिए माफ़ी चाहती हू !

Richa P Madhwani said...

http://shayaridays.blogspot.com

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

लाजवाब......

Patali-The-Village said...

बहुत प्यारा मुक्तक| धन्यवाद|

डॉ० डंडा लखनवी said...

अंदाजे बयाँ अच्छा है! आपके मुक्तक को
पढ़ कर एक विचार कौंधा फलस्वरूप एक
मुक्तक बन गया। जिसे भेज रहा हूँ।
=====================
अब जमाना समझता नहीं शायरी।
आप क्यों कर भरे जा रहे डायरी॥
इश्क़ में शायरी की जरूरत कहाँ-
जमके करिए मोबाइल से मोबायरी॥
======================
सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत खूबसूरत!

Sachin Malhotra said...

प्रेम से बढ़ कर कुछ भी नहीं है...बहुत अच्छा लगा पढ़ कर !
मेरी नयी पोस्ट पर भी आपका स्वागत है : Blind Devotion - अज्ञान

Dr (Miss) Sharad Singh said...

बहुत प्यारी सी पंक्तियां...

Dr Varsha Singh said...

बहुत सुन्दर एवं मर्मस्पर्शी रचना !
हार्दिक शुभकामनायें !

M VERMA said...

शायरी और क्या है प्यार का इजहार ही तो है

Richa P Madhwani said...

http://shayaridays.blogspot.com

prerna argal said...

bahut hi shaandaar muktak.dil ko choo gayaa.badhaai sweekaren.

Indu said...

Did you do those pictures? They are terrific !!!

mahendra srivastava said...

बहुत सुंदर.. क्या कहने