Tuesday, June 7, 2011


वो तो पानी की बूँद है जो आँखों से बह जाए,
आँसू तो वो है जो आँखों में ही रह जाए,
वो प्यार क्या जो लफ़्ज़ों में बयान हो,
प्यार तो वो है जो आँखों में नज़र आए !

51 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर मुक्तक लिखा है आपने!

AlbelaKhatri.com said...

haay haay kya kah diya aapne...

waah waah

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

'प्यार तो वो है जो आँखों में नज़र आये '

................वाह क्या कहना ! बहुत सुन्दर

Bhushan said...

आँसू तो वो है जो आँखों में ही रह जाए

अपने आँसुओं को दूसरों की नज़रों से बचाए रखने की कोशिश मनवीय प्रकृति की है. रुके आँसू को सकारात्मक दिशा देना कठिन कार्य है. जो ऐसा कर पाता है वह सच्चा इंसान है.
आपने इसी भाव को सुंदर तरीके से अभिव्यक्ति दी है.

संजय भास्कर said...

बहुत खूब .जाने क्या क्या कह डाला इन चंद पंक्तियों में
....सुंदर प्रस्तुति

chirag said...

lovely...

: केवल राम : said...

बहुत बढ़िया

Dr (Miss) Sharad Singh said...

बहुत सुन्दर अहसास...

सदा said...

वाह ... बहुत खूब

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

bahut khoob.... kya baat

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

kuchh hosh nahee rehtaa....kuchh dhyaan nahee rehtaa, insaan muhabbat mein insaan nahee rehtaa...


khoobsurat sher likha hai Babli jee.!

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

आपकी रचना पढकर मिर्ज़ा ग़ालिब का एक शेर याद आ गया ...
रगों में दौड़ने फिरने के हम नहीं कायल
जो आँख ही से न टपके तो फिर लहू क्या है ...

Akshita (Pakhi) said...

बहुत सुन्दर रचना..बधाई.


___________________

'पाखी की दुनिया ' में आपका स्वागत है !!

Indu said...

:) nice one....and reading hindi after so long !!! About the "Food for Little Champs" event. All you need to do is:

1. Cook a kid friendly dish that your little one enjoys, or that you enjoyed as a child. It can be anything, breakfast, dessert, snack, main course etc
2. Post it on your blog before June 30th. Include a link to this post in your blog.
3. Leave a comment on this post letting me know that you want to participitate in the event.
4. Send a mail to my id: indu.mathew@yahoo.com with the following details:
Subject: "Food for Little Champs" event
Your name,
Name of the dish,
Name of your blog,
Link to your blog post,
A picture of the dish

So, finally, I will give a round up of all such entries I get in my blog, provide a link to your blog and so on....

रश्मि प्रभा... said...

waaah

kavita said...

Beautifully expressed.

शिवम् मिश्रा said...

यही छोटी सी बात तो लोग समझते नहीं है ... बहुत बढ़िया भाव !

डॉ टी एस दराल said...

वाह वाह , बहुत सूफियाना बात कही है । अति सुन्दर ।

Dr Varsha Singh said...

वो प्यार क्या जो लफ़्ज़ों में बयान हो,
प्यार तो वो है जो आँखों में नज़र आए !

वाह क्या बात है ! बहुत सुन्दर !

रचना दीक्षित said...

सुंदर मुक्तक के रूप में बेहतरीन प्रस्तुति. शुभकामनाएँ.

sheetal said...

jo baat lafzo main na kahi jaaye.
wo baat ankho ke isharo se kahi jaaye.
bahut sundar likha aapne.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

दिल में उतर गये हैं जज्‍बात आपके।

---------
बाबूजी, न लो इतने मज़े...
चलते-चलते बात कहे वह खरी-खरी।

Kunwar Kusumesh said...

वो प्यार क्या जो लफ़्ज़ों में बयान हो,
प्यार तो वो है जो आँखों में नज़र आए !

बहुत खूब,वाह क्या बात है.

Ram Shiv Murti Yadav said...

आपकी शेरो-शायरी तो गजब की है..बधाई स्वीकारें.



********************
कभी 'यदुकुल' की यात्रा पर भी आयें !!

Coral said...

क्या बात है ....

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

वो तो पानी की बूँद है जो आँखों से बह जाए,
आँसू तो वो है जो आँखों में ही रह जाए,

बहुत खूब ..सुन्दर प्रस्तुति

वन्दना said...

बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति।

Sunil Deepak said...

यानि अँधों का प्यार सच्चा प्यार नहीं हो सकता? यह तो बहुत नइन्साफ़ी है! :)

mahendra srivastava said...

वाह जी , बहुत सुंदर

M VERMA said...

बहुत सुन्दर ...
और फिर चित्र के क्या कहने

Atul Shrivastava said...

सुंदर अहसास

ज्योति सिंह said...

वो तो पानी की बूँद है जो आँखों से बह जाए,
आँसू तो वो है जो आँखों में ही रह जाए,
वो प्यार क्या जो लफ़्ज़ों में बयान हो,
प्यार तो वो है जो आँखों में नज़र आए !
bahut khoob likha hai

संतोष पाण्डेय said...

bilkul sahi baat hai. vaah.

श्यामल सुमन said...

सचमुच - सिल जाते हैं होंठ यकायक और बोलते नैन - बहुत सुन्दर भाव बबली जी.
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

श्याम सखा 'श्याम' said...

आँसू तो वो है जो आँखों में ही रह जाए,
bahut khoob,

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत खूब लिखा आपने.

सादर

Pranavam Ravikumar a.k.a. Kochuravi said...

Very nice. Short & crisp!

अजय कुमार said...

bilkul sahee pyaar aur tiraskaar aankho se pataa chal jata hai

Sunil Kumar said...

बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति,बधाई.

Harsh said...

bahut khoob babli ji

Manpreet Kaur said...

बहुत बढ़िया..Visit My Blog Plz...
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Vivek Jain said...

बहुत बढ़िया रचना है,प्रस्तुति तो लाजवाब है,
साभार- विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

JHAROKHA said...

Nice expressions Babli ji....

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति,बधाई|

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

पानी और आँसू में अंतर को सुन्दरता से व्यक्त किया है.

महेन्द्र मिश्र said...

वो तो पानी की बूँद है जो आँखों से बह जाए,
आँसू तो वो है जो आँखों में ही रह जाए,
बहुत सुन्दर ....

Virendra said...

बहुत खूब!

Manav Mehta said...

waah waah

mahendra verma said...

प्यार तो वो है जो आंखों में नजर आए...
बहुत सुंदर पंक्ति।

amita kaundal said...

bahut khub likha hai.
amita kaundal

Anita said...

achcha likha aapne dil ko choo gaya.