Sunday, June 12, 2011


इंतज़ार होता मुझे,
अब आपके इज़हार का,
देना क्या है आपको,
बस प्यार भरा दिल आपका !

47 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत बढ़िया अशआर!
दिल होता ही ऐसा है!

chirag said...

kya bat hain
bahut khoob

Kunwar Kusumesh said...

आयेगा वो,दे जायेगा दिल भी.
मिल जायेगी प्यार की मंजिल भी.
शुभकामनायें.

M VERMA said...

सुन्दर अहसास ...
दिल तो दिल है

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत बढ़िया शायरी है आपकी.
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आपका स्वागत है "नयी पुरानी हलचल" पर...यहाँ आपके ब्लॉग की किसी पोस्ट की कल होगी हलचल...
नयी-पुरानी हलचल

धन्यवाद!

सहज साहित्य said...

कम शब्दों में बात कहना कठिन है ; लेकिन उर्मि जी इस काम में निपुण हैं। भाव पूर्ण पंक्तियाँ

knkayastha said...

sundar...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूब

Bhushan said...

'बस दिल भरा प्यार आपका !'
'प्यार जिसमें दिल भरा है' एक अनूठी अभिव्यक्ति है.

anu said...

चंद पंक्तियों में बहुत कुछ लिख जाती है आप ...बहुत खूब

AlbelaKhatri.com said...

sada ki tarah sadabahaar shaayri....

mubaraq ho !

दिगम्बर नासवा said...

बहुत खूब ... कमाल का शेर है ...

नूतन .. said...

वाह ... बहुत खूब ।

sheetal said...

bahut sundar likha aapne.

सदा said...

बहुत खूब कहा है आपने ... ।

रश्मि प्रभा... said...

komal ikraar

मनोज अबोध said...

मेरे ब्‍लाग पर आपके आगमन का धन्‍यवाद ।
आपको नाचीज का कहा कुछ अच्‍छा लगा, उसके लिए हार्दिक आभार

आपका ब्‍लाग अच्‍छा लगा । बधाई

kavita said...

Very nice :)

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

लीगल सैल से मिले वकील की मैंने अपनी शिकायत उच्चस्तर के अधिकारीयों के पास भेज तो दी हैं. अब बस देखना हैं कि-वो खुद कितने बड़े ईमानदार है और अब मेरी शिकायत उनकी ईमानदारी पर ही एक प्रश्नचिन्ह है

मैंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर श्री बी.के. गुप्ता जी को एक पत्र कल ही लिखकर भेजा है कि-दोषी को सजा हो और निर्दोष शोषित न हो. दिल्ली पुलिस विभाग में फैली अव्यवस्था मैं सुधार करें

कदम-कदम पर भ्रष्टाचार ने अब मेरी जीने की इच्छा खत्म कर दी है.. माननीय राष्ट्रपति जी मुझे इच्छा मृत्यु प्रदान करके कृतार्थ करें मैंने जो भी कदम उठाया है. वो सब मज़बूरी मैं लिया गया निर्णय है. हो सकता कुछ लोगों को यह पसंद न आये लेकिन जिस पर बीत रही होती हैं उसको ही पता होता है कि किस पीड़ा से गुजर रहा है.

मेरी पत्नी और सुसराल वालों ने महिलाओं के हितों के लिए बनाये कानूनों का दुरपयोग करते हुए मेरे ऊपर फर्जी केस दर्ज करवा दिए..मैंने पत्नी की जो मानसिक यातनाएं भुगती हैं थोड़ी बहुत पूंजी अपने कार्यों के माध्यम जमा की थी.सभी कार्य बंद होने के, बिमारियों की दवाइयों में और केसों की भागदौड़ में खर्च होने के कारण आज स्थिति यह है कि-पत्रकार हूँ इसलिए भीख भी नहीं मांग सकता हूँ और अपना ज़मीर व ईमान बेच नहीं सकता हूँ.

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

kya baat...kya baat...kya baat...

Bhushan said...

थोड़े में सुंदर बात कहना बड़ी बात है.

Maheshwari kaneri said...

बबली जी, आप ने तो गागर में सागर भर दिया..बहुत सुन्दर.....

अनुपमा त्रिपाठी... said...

wah ..bahut badhia ..!!
shubhkamnayen .

Dr (Miss) Sharad Singh said...

इंतज़ार की कशिश को बखूबी व्यक्त किया है आपने.

Atul Shrivastava said...

इंतजार, इजहार, प्‍यार......

उर्मि जी और गहराई की जरूरत है.....

वैसे कोशिश अच्‍छी है.....
लिखती रहें....
निखार आ जाएगा...

mahendra srivastava said...

वाह जी, क्या बात है। बहुत सुंदर। अपनी बात कहने का एक अंदाज ये भी।

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

दिल भरा प्यार आपका .........प्यार भरा दिल आपका,.. नहीं

प्यार में सम्पूर्ण समर्पण .....बहुत सुन्दर

sumeet "satya" said...

खूबसूरत कविता

Udan Tashtari said...

बढ़िया

mahendra verma said...

यह शायरी बहुत अच्छी लगी।
दिल की बातें दिल ही जाने।

वीना said...

बहुत खूब....

ashish said...

भावपूर्ण प्रेमपगी पंक्तियाँ . आभार .

Dr Varsha Singh said...

इंतज़ार न होता मुझे,
अब आपके इज़हार का,
देना क्या है आपको,
बस प्यार भरा दिल आपका !

बहुत खूब..हमेशा की तरह...कम शब्दों में गहरी बात. हार्दिक शुभकामनायें।

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) said...

सहज अभिव्यक्ति.

संतोष पाण्डेय said...

कम से शब्दों में इतनी गहरी बात कहने का हुनर. दुआ है कि यह फ़न और निखरे.

Vivek Jain said...

सुन्दर अहसास
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

हमेशा की तरह गागर में सागर सा भाव लिये शानदार प्रस्‍तुति।

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ये शानदार मौका...
यहाँ खुदा है, वहाँ खुदा है...

singhSDM said...

इंतज़ार न होता मुझे,
अब आपके इज़हार का,
देना क्या है आपको,
बस प्यार भरा दिल आपका !
बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति..
यह कविता भी अच्छी बन पड़ी है.बहुत बोलती तस्वीर है.....

संजय भास्कर said...

..... क्या बात है। बहुत सुंदर।

BK Chowla, said...

Awesome

ghazalganga said...

bahut khoob

musafir said...

आपका आभार.
रचना बहुत सुन्दर है.

Patali-The-Village said...

कम शब्दों में गहरी बात| सुन्दर अहसास|

Sawai Singh Rajpurohit said...

इंतज़ार न होता मुझे,
अब आपके इज़हार का,
देना क्या है आपको,
बस प्यार भरा दिल आपका !

बेहद खूबसूरत बहुत ही अच्छा लिखा है

गिरधारी खंकरियाल said...

अति सुंदर भाव रचित

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

खूबसूरत !

Rakesh Kumar said...

प्यार भरा दिल देना ही सबसे बड़ा उपहार है.
आपकी अभिव्यक्ति प्यार भरी है.