Monday, June 20, 2011


हर रात को चाँद का श्रृंगार नहीं मिलता,
हर डाली को फूलों का प्यार नहीं मिलता,
अरमान होते हैं बहुत इस दिल में पर,
हर किसीको मन चाहा प्यार नहीं मिलता !

45 comments:

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

aap jaisi lekhika ko padhne ka...
har kisi ko mauka baar baar nahi miltaa...

राकेश कौशिक said...

"हर रात को चाँद का श्रींगार नहीं मिलता"
वाह वाह

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत बढ़िया!
छोटे-छोटे मुक्तकों में आप बहुत बड़ बात कह देती हो!

सदा said...

वाह ..बहुत ही सुन्‍दर शब्‍द ।

blogjamvda said...

very beautiful

सहज साहित्य said...

सही बात कही आपने उर्मि जी । सब कुछ मिल जाता तो आदमी ईश्वर को ही भूल जाता । ईश्वर जिसे जब चाहता है मिलाता है , जब चाहता है अलग कर देता है । बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ हैं।

अनुपमा त्रिपाठी... said...

sunder abhivyakti .

arvind said...

"हर रात को चाँद का श्रींगार नहीं मिलता"
.....वाह ..बहुत ही सुन्‍दर .

Sunil Kumar said...

वाह ,बहुत ही सुन्‍दर .

SAJAN.AAWARA said...

BEHTRIN SHAYRI, HAR KISI KO MANCHAHA PYAR NAHI MILTA

mahendra verma said...

बहुत बढ़िया मुक्तक।
चार पंक्तियों में 100 पृष्ठ की बातें समाई हैं।

Umesh Agarwal said...

i wonder how u manage to write such good shayaris with so much consistency..another superb one :)

kavita said...

Beautiful expression .Loved it .

डॉ टी एस दराल said...

वाह वाह , बहुत सुन्दर लिखा है ।

Tanvi said...

Well said!!! And that too beautifully!

♥ from © tanvii.com

Bhushan said...

अरमान और प्रेम दोनों स्वाभाविक हैं और दोनों में से किसी का भी अभाव नहीं होता.
सुंदर पंक्तियाँ.

सुमन'मीत' said...

shayad yahi khalish insan ke jivan me rahti hai ....

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

बहुत सुन्दर शब्द संयोजन.सिर्फ ४ पंक्तियों में गहरी बातें करने में पारंगत होती जा रही हैं.keep it up.....

Dr Varsha Singh said...

हर रात को चाँद का श्रींगार नहीं मिलता,
हर डाली को फूलों का प्यार नहीं मिलता,
अरमान होते हैं बहुत इस दिल में पर,
हर किसीको मन चाहा प्यार नहीं मिलता !


चार लाइनों में आपने गहन अनुभूतियों और जीवन दर्शन को समेट लिया है....बधाई स्वीकारें !

sheetal said...

jo bhi likha ekdum sahi likha hain.
hamare man main icchai to bahut hain,par har iccha puri ho ye kaha sambhav hota hain.

Rakesh Kumar said...

बबली जी, बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है आपकी.
मन चाहा प्यार मिलना ही तो दैव कृपा है.
आपके ब्लॉग पर देरी से आने के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.यूरोप के टूर पर गया हुआ था.हाल में ही लौटा हूँ.

M VERMA said...

बहुत सुन्दर .. जी हाँ यही हकीकत है

श्यामल सुमन said...

सुन्दर भाव की प्रस्तुति - वाह.

हो सके तो श्रींगार को श्रृंगार कर दें.

प्यार बांटने से सजते हैं अरमान प्यार के
सुमन प्यार कभी भी उधार नहीं मिलता

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
http://meraayeena.blogspot.com/
http://maithilbhooshan.blogspot.com/

ashish said...

सुँदर भाव , अभीष्ट शब्दों में . आभार .

अभिषेक मिश्र said...

Aisa hi hota hai. Sundar abhivyakti.

संतोष त्रिवेदी said...

फिर भी ज़िन्दगी का सफ़र,यूं नहीं रुकता !

भावनाओं का आदर करते हुए !

BK Chowla, said...

Whatever I know about poetry is only through your posts

sajjan singh said...

इस सुन्दर ब्लॉग पर आकर बहुत अच्छा लगा ।

मेरा ब्लॉग- संशयवादी विचारक

chirag said...

that's beautifull

SURINDER RATTI said...

Babli Ji,

Bahut Khoob ....

Surinder Ratti

Mumbai

Rajeev Panchhi said...

Very nice! Congrats!

विरेन्द्र सिंह चौहान said...

Vah! kya baat hai! Bahut khoob!

samecookiesdifferent said...

great photo
share the feeling
visit <3
www.samecookiesdifferent.blogspot.com

Sawai SIingh Rajpurohit said...

बहुत ही उम्दा प्रस्तुती!

योगेन्द्र मौदगिल said...

wah.....

Atul Shrivastava said...

हर किसी को मुकम्‍मल जहां नहीं मिलता
कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता
अच्‍छी रचना
शुभकामनाएं आपको

Kunwar Kusumesh said...

बहुत बढ़िया.

Manpreet Kaur said...

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Download Movie ..... Super 8

singhSDM said...

हर रात को चाँद का श्रृंगार नहीं मिलता,
हर डाली को फूलों का प्यार नहीं मिलता,
अरमान होते हैं बहुत इस दिल में पर,
हर किसीको मन चाहा प्यार नहीं मिलता !

beautiful lines.....!!!!

Dr (Miss) Sharad Singh said...

बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ ....

निर्मला कपिला said...

bahut sundar.

mahendra srivastava said...

क्या बात है.. बहुत सुंदर रचना। हर रात को चांद का ऋंगार नहीं मिलता.. क्या कहने।

girish pankaj said...

gagar men sagar...isi ko kahate hain.

dipakkumar said...

very nice yaha bhi aaye

dipak kumar said...

aapka mere blog me aane ke liye dhanybaad kripya aate rahiye yaha se blog me aayeyour welcome my blog